दुर्गेश राजपूत, नर्मदापुरम। शहर के सतरस्ता स्थित मुखर्जी कॉम्प्लेक्स इस समय भाजपा के अंदरूनी घमासान का अखाड़ा बन गया है। मामला नजूल की कीमती जमीन पर कब्जे और सियासी रसूख का है, जिसमें एक तरफ कांग्रेस से पार्षद पुत्र हैं तो दूसरी तरफ भाजपा के कद्दावर पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष।
नजूल भूमि पर कब्जे का आरोप
वार्ड-29 के कांग्रेस पार्षद पुत्र अमित खत्री ने भाजपा के पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष राजकुमार चौकसे के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए करीब 2 हजार स्क्वेयर फीट नजूल भूमि पर कब्जे का आरोप लगाया है। खत्री ने एसडीएम और नगर पालिका अधिकारी को शिकायत सौंपकर इस सियासी रसूख की जांच की मांग की है। उनका दावा है कि सतरस्ता की नजूल शीट नंबर 43 के प्लॉट 16 पर होटल व्यवसाय के लिए स्वर्गीय रतनलाल चौकसे को मात्र 510 वर्गफुट का पट्टा दिया गया था। आरोप है कि निर्धारित सीमा को लांघकर आसपास की करीब 2 हजार स्क्वेयर फीट जमीन पर कब्जा कर रखा है, जिससे यातायात बाधित हो रहा है।
बड़ी खबरः नगर निगम के सेंट्रल वर्कशॉप में लोकायुक्त का छापा, 2 दर्जन अधिकारी कर रहे दस्तावेज की जांच
फिलहाल, गेंद प्रशासन के पाले में
खबर में ट्विस्ट तब आया जब खत्री ने अपनी शिकायत में राजनीतिक भेदभाव का तड़का लगाया। खत्री के अनुसार उन्होंने मुखर्जी कॉम्प्लेक्स की पहली मंजिल पर एक रेस्टोरेंट किराए पर लिया है। वहां उन्होंने ग्राहकों के लिए लोहे की सीढ़ी लगवाई थी, जिसे राजकुमार चौकसे ने दबाव बनवाकर पालिका से हटवाने की मांग की है। अमित ने बताया कि पालिका को मेरी छोटी सी सीढ़ी तो दिख गई, लेकिन सालों से भाजपा नेता का अतिक्रमण नजर नहीं आता। दूसरी ओर भाजपा नेता राजकुमार चौकसे ने इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें निराधार बताया है। फिलहाल, गेंद प्रशासन के पाले में है।

