वीरेंद्र कुमार/बिहारशरीफ। नालंदा जिले के बिहारशरीफ में उस समय सियासी हलचल तेज हो गई, जब बिहार अनुसूचित जाति आयोग की एक समीक्षा बैठक को लेकर सांसद और आयोग आमने-सामने आ गए। परिसदन में आयोजित इस बैठक की कार्यप्रणाली पर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बिहार अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य डॉ. संजय कुमार और रूबल रविदास द्वारा आयोजित इस बैठक पर नालंदा के सांसद कौशलेन्द्र कुमार ने कड़ी आपत्ति जताई है। सांसद का आरोप है कि सुबह 11 बजे से जिले के सभी विभागों और प्रखंड स्तर के अधिकारियों को बुलाकर पूरे दिन बेवजह खड़ा रखा गया।

आयोग सदस्य ने किया बचाव

वहीं, आयोग सदस्य डॉ. संजय कुमार ने सांसद के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बैठक जिलाधिकारी के पत्र के आलोक में और आयोग के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार ही आयोजित की गई थी।

पटना तक पहुंचा मामला

बैठक की व्यवस्था और अधिकारियों को घंटों इंतजार कराने को लेकर दिनभर सवाल उठते रहे। मामला बिहारशरीफ से लेकर पटना तक सियासी चर्चा का विषय बन गया है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आयोग और प्रशासन इस विवाद पर आगे क्या रुख अपनाते हैं।