Bastar News Update : बीजापुर. नए बस स्टैंड के पीछे चट्टानपारा इलाके में बुलडोजर कार्रवाई पर जब सवाल बढ़े तो प्रशासन ने एक नया तर्क सामने रखा. एसडीएम ने कहा कि इन मकानों में अवैध प्रार्थना सभाएं हो रही थीं. कार्रवाई को लॉ एंड ऑर्डर से जोड़ दिया गया. लेकिन पड़ताल में सामने आया कि कई मकान नक्सल पीड़ितों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के थे. जिन परिवारों को गांव लौटने पर जान का खतरा है, वे शहर में ही बसने को मजबूर हैं. इसके बावजूद प्रशासन ने किसी को नक्सल पीड़ित मानने से इनकार कर दिया. धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मुद्दे को ढाल बनाकर सवालों से बचने की कोशिश हुई. स्थानीय लोगों का कहना है कि असली मुद्दा पुनर्वास नीति की विफलता है. कार्रवाई ने प्रशासन और जनता के बीच अविश्वास की खाई को और गहरा किया है.


सड़े चावल को ‘ओके’ बताने की जल्दबाज़ी
दंतेवाड़ा. गीदम वेयरहाउस में 30 हजार क्विंटल चावल सड़ने का मामला अब और गंभीर हो गया है. जिन अधिकारियों की लापरवाही से चावल खराब हुआ, उन्हीं को बाकी गोदामों के स्टॉक की जांच सौंप दी गई. बिना क्वालिटी इंस्पेक्टर की रिपोर्ट में सड़े चावल को ठीक बताया जा रहा है. गीदम और दंतेवाड़ा की पीडीएस दुकानों में खराब चावल भेजे जाने की शिकायतें हैं. चावल पर दवा छिड़ककर दोबारा पैक किया गया, बोरे खोलने पर मरे हुए कीड़े निकल रहे हैं. इसके बावजूद गरीबों की थाली तक यही चावल पहुंचाने की तैयारी है. राज्य जांच टीम की रिपोर्ट का इंतजार है, लेकिन उससे पहले स्टॉक खपाने की जल्दबाजी सवाल खड़े कर रही है.
अवैध वसूली करने वाले दो कथित पत्रकार गिरफ्तार
नारायणपुर. पुलिस ने फर्जी पत्रकारिता के नाम पर अवैध वसूली करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि आरोपी शिक्षक को बदनाम करने की धमकी दे रहे थे. झूठी खबर प्रकाशित करने के नाम पर पैसों की मांग की गई. पीड़ित शिक्षक की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया. जांच में आरोपियों की संलिप्तता प्रथम दृष्टया प्रमाणित हुई. यह कार्रवाई असली पत्रकारिता की साख बचाने की दिशा में अहम मानी जा रही है. पुलिस का कहना है कि समाज में भरोसा तोड़ने वालों पर सख्ती जारी रहेगी. यह मामला बताता है कि कलम की आड़ में अपराध को बख्शा नहीं जाएगा.
सुरनार गांव में सड़क नहीं, बीमार को कांवड़ में लाना बनी मजबूरी
दंतेवाड़ा. कटेकल्याण ब्लॉक के सुरनार गांव में आज भी सड़क एक सपना है. पारा मोहल्ला मुख्य सड़क से 7–8 किलोमीटर दूर है. बीमार को कांवड़ में उठाकर सड़क तक लाना मजबूरी है. नाले पर न पुलिया है, न कच्ची सड़क पर मुरुम. ग्रामीण कई बार कलेक्टर और शिविरों में आवेदन दे चुके हैं. लेकिन सुनवाई शून्य है. ग्राम पंचायत के पास बजट नहीं, और प्रशासन की प्राथमिकता सूची में यह गांव नहीं. विकास के दावों के बीच सुरनार आज भी पैदल चल रहा है.
पिकअप से 3.84 लाख की अवैध शराब बरामद
बस्तर. आबकारी टीम ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. केशलूर–दरभा मार्ग पर नाकेबंदी कर पिकअप वाहन पकड़ा गया. 3000 पाव गोवा ब्रांड की नॉन ड्यूटी पेड विदेशी शराब जब्त हुई. शराब की कीमत करीब 3.84 लाख रुपये आंकी गई. तीन आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया. वाहन सहित कुल जब्ती 10.99 लाख रुपये की हुई. आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया. यह कार्रवाई बताती है कि तस्करों के लिए बस्तर अब सुरक्षित नहीं.
इंटरसिटी एक्सप्रेस की वापसी की उम्मीद
बस्तर. छह साल से बंद दुर्ग–जगदलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस फिर चर्चा में है. ईस्ट कोस्ट रेलवे ने जगदलपुर स्टेशन से जानकारी मांगी है. बस्तरवासी लंबे समय से समय परिवर्तन के साथ ट्रेन चलाने की मांग कर रहे हैं. बसों में महंगा किराया और अव्यवस्था यात्रियों की मजबूरी है. इंटरसिटी चले तो रेलवे की आय भी बढ़ सकती है. लोगों का सुझाव है कि ट्रेन शाम सात बजे रवाना हो. रात की यात्रा पूरी कर सुबह रायपुर पहुंचा जा सके. अब देखना है कि मांग पटरी पर आती है या फिर फाइलों में ही रह जाती है.
संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम अब 6-8 फरवरी तक
बस्तर पंडुम के संभाग स्तरीय आयोजन की तिथि में आंशिक संशोधन किया गया है. छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत अब इसका आयोजन 6-8 फरवरी तक संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में होगा, जहां जिला स्तर पर बस्तर पंडुम के अतंर्गत आयोजित 12 विधाओं के विजेता दल एवं कलाकार शामिल होंगे.
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर जनजातीय बहुल बस्तर संभाग की लोक-संस्कृति, परंपरा और विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में यह लगातार दूसरे वर्ष बस्तर पंडुम का गरिमामय आयोजन हो रहा है. बस्तर पंडुम-2026 का तीन चरणों में आयोजन जनपद, जिला एवं संभाग स्तर पर 12 विधाओं में प्रतियोगिता के तौर पर किया जा रहा है. इस आयोजन से बस्तर अंचल की लोककला, शिल्प, नृत्य, गीत-संगीत, पारंपरिक व्यंजन, बोली-भाषा, वेश-भूषा, आभूषण, वाद्य यंत्र, नाट्य एवं जनजातीय जीवन-पद्धति के संरक्षण और संवर्धन का एक भव्य मंच मिला है.
बस्तर पंडुम-2026 में बस्तर संभाग के सभी सात जिले बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, कांकेर, कोण्डागांव एवं नारायणपुर के कलाकार भाग ले रहे हैं. इसके प्रथम चरण का आयोजन जनपद स्तर 10 जनवरी से हो रहा है. जनपद स्तरीय स्पर्धाएं 20 जनवरी तक पूरी हो जाएंगी. इसके बाद 24-29 जनवरी तक जिला स्तरीय तथा संशोधित तिथि के अनुसार 6-8 फरवरी तक बस्तर पंडुम का संभाग स्तरीय आयोजन होगा.
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