सुरेश परतागिरी, बीजापुर। एक ओर सरकार सुशासन के दावे कर रही है तो दूसरी ओर गरीबों और असहायों के घरों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। इसी सवाल के साथ बीजापुर में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। जिला मुख्यालय स्थित नया बस स्टैंड के पीछे वन भूमि पर बने 100 से अधिक मकानों को जिला प्रशासन ने जेसीबी से तोड़ दिया है, जिसके विरोध में प्रभावित परिवारों ने विधायक विक्रम मंडावी के नेतृत्व में आज नेशनल हाईवे पर चक्काजाम किया।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई करीब एक माह पूर्व वन भूमि पर बने मकानों पर की गई। तोड़े गए मकानों में नक्सल पीड़ित परिवारों के साथ-साथ स्थानीय पुलिस डीआरजी के कुछ कर्मियों के घर भी शामिल हैं। अचानक हुई इस कार्रवाई से लोग बेघर हो गए हैं, जिससे इलाके में भारी आक्रोश है।



बिना नोटिस कार्रवाई का आरोप
पीड़ित परिवारों का आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन ने उन्हें किसी प्रकार का पूर्व नोटिस नहीं दिया। उनका कहना है कि वे पिछले तीन-चार वर्षों से यहां निवास कर रहे थे। ऐसे में सवाल उठता है कि इतने लंबे समय तक वन विभाग और नगर पालिका प्रशासन चुप क्यों रहा और अब अचानक बुलडोजर कार्रवाई क्यों की गई। घटना से नाराज नागरिकों ने स्थानीय विधायक विक्रम मांडवी के नेतृत्व में नेशनल हाईवे जाम कर दिया है। विधायक स्वयं मौके पर पहुंचे और प्रशासनिक अधिकारियों से बात करने का प्रयास किया, लेकिन अधिकारियों के समय पर नहीं पहुंचने से स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है।
बातचीत के बाद खुला जाम
काफी देर बाद नगर पालिका के अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। अधिकारियों द्वारा बातचीत का भरोसा दिए जाने के बाद जाम समाप्त कराया गया। फिलहाल प्रशासन और प्रभावित नागरिकों के बीच बातचीत जारी है। इस कार्रवाई ने प्रशासनिक संवेदनशीलता और पुनर्वास जैसे अहम मुद्दों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें


