सुदीप उपाध्याय, बलरामपुर। झारखंड के महुआडांड़ थाना क्षेत्र के ओरसा घाटी में रविवार को दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। छत्तीसगढ़ से झारखंड जा रही बस अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे घटना स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों के अनुसार इस हादसे में पांच लोगों की मौत हुई है, जबकि 87 यात्री घायल हुए हैं। हालांकि मृतकों की संख्या को लेकर प्रशासन की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इस हादसे पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शोक जताया है।

सीएम साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़–झारखंड सीमा पर बलरामपुर के समीप भीषण दुर्घटना में हुई यात्रियों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है। शोक की इस कठिन घड़ी में मैं दिवंगतों के परिजनों के प्रति अपनी गहन संवेदना व्यक्त करता हूं।दुर्घटना की सूचना मिलते ही बचाव एवं राहत कार्य प्रारंभ किया गया है। मौके पर प्रशासन की टीम उपस्थित है। समन्वय के साथ राहत कार्य संचालित किए जा रहे हैं। दुर्घटना में कुल 87 लोग घायल होने की सूचना है, जिनमें 27 घायलों का उपचार कार्मेल अस्पताल और 60 घायलों का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया जा रहा है। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल यात्रियों के आवश्यक उपचार के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। ईश्वर से दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।

जानकारी के अनुसार, बस छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के महाराजगंज गांव से यात्रियों को लेकर सगाई कार्यक्रम में शामिल होने झारखंड जा रही थी। ओरसा घाटी के घुमावदार और ढलान वाले रास्ते पर पहुंचते ही बस चालक का नियंत्रण वाहन से हट गया और बस सड़क किनारे पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि बस में सवार लगभग सभी यात्रियों को चोटें आई हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण सबसे पहले राहत कार्य में जुटे। उन्होंने घायलों को बस से बाहर निकालने में मदद की और प्रशासन को सूचना दी। इसके बाद महुआडांड़ के एसडीएम विपिन कुमार दुबे के निर्देश पर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम को अलर्ट किया गया। महुआडांड़, गारू और नेतरहाट से एंबुलेंस के साथ चिकित्सा दल मौके पर पहुंचा।
घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए महुआडांड़ अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम इलाज में जुटी हुई है। गंभीर रूप से घायल कुछ मरीजों को बेहतर इलाज के लिए अन्य अस्पतालों में रेफर किया गया है। स्थानीय लोगों ने भी मानवता का परिचय देते हुए अपने निजी वाहनों से कई घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

एसडीएम विपिन कुमार दुबे ने बताया कि 80 से अधिक घायलों को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया है। सभी की चिकित्सकीय जांच के बाद ही मृतकों की संख्या और घायलों की स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी जारी की जाएगी। फिलहाल प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है, वहीं पीड़ित परिवारों में मातम पसरा हुआ है।