रायपुर। प्रदेश में जमीनों के नई सरकारी गाइडलाइन दरों को लेकर आपत्ति ही आपत्ति आ रही है. लोगों के आक्रोश को देखते हुए अब जिला पंजीयकों की टीम जमीनों का नया मूल्यांकन कर रही है. इस कवायद के जरिए जमीन के बाजार मूल्य और सरकारी दरों के अंतर को संतुलित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे आम लोगों को राहत मिल सके.
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महानिरीक्षक पंजीयन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेशभर से 2000 से अधिक दावा-आपत्तियां दर्ज हुई है, जबकि 100 से अधिक मामलों ने कोर्ट का रुख कर लिया है. वर्तमान में दावा-आपत्ति के निपटारे की प्रक्रिया अंतिम चरणों में है. आला अधिकारियों के मुताबिक अचल सम्पत्तियों के पुनरीक्षण के बाद नई गाइडलाइन दरों को मंजूरी दी जाएगी और संभव है कि 10 फरवरी से पहले नई दरें लागू हो जाएं.
नई दरें लागू होने से महंगी प्रॉपटी पर पडी अतिरिक्त दबाव में राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है. सात साल बाद नई गाइडलाइन दरें लागू होने के बाद सरकार को लोगों की काफी नाराजगी झेलनी पडी थी. जिसके बाद 31 दिसंबर 2025 तक दावा आपत्ति मंगाया गया था.
7% कीमतें बढ़ाने का नियम
भारतीय स्टॉम्प अधिनियम के कंडिकाओं पर गौर करें तो अचल सम्पत्तियों की कीमतें अधिकतम 7 प्रतिशत बढ़ाने का नियम है. नियमों के तहत विसंगतियों में सुधार और पुनरीक्षित करने का भी प्रावधान है. 20 नवंबर 2025 को जारी दरों में 20 प्रतिशत से लेकर 10 गणा तक वृद्धि कर दी गई.
12 लाख की जमीन डेढ़ करोड़ में
अभनपुर तहसील के अंतर्गत सातपारा स्थित कृषि भूमि का मूल्य जहां 2025- 26 में 12 लाख रुपये प्रति एकड़ था, वहीं 20 नवंबर को मूल्य वृद्धि के बाद यहां प्रति एकड़ जमीन की कीमतें 1 करोड़ 50 लाख 40 हजार रुपए हो चुकी है. इसकी वजह से इस क्षेत्र में खरीदी- बिक्री ठप पड़ चुकी है. जिस जमीन का सौदा 12 लाख एकड़ में बीते वर्ष हो चुका है, उस जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है, क्योंकि जमीन की कीमत से ज् यादा रजिस्ट्री शुल्क और टैक्स का वहन खरीदारों का करना पड़ रहा है.
दावा-आपत्ति का अध्ययन जारी
आईजी पंजीयन विभाग में आयुक्त पुष्पेंद्र मीणा ने बताया कि जमीनों की गाइडलाइन दरों में दावा-आपत्ति का अध्ययन जारी है. ज्यादा बढ़ी हुई कीमतों का दोबारा रिव्यू किया जा रहा है. जिला पंजीयकों से प्रस्ताव मंगाए गए हैं. जिलों से रिपोर्ट से आधार पर राज्यस्तरीय मूल्यांकन कमेटी की मंजूरी मिलेगी.
सरकार से क्रेडाई को मिला आश्वासन
वहीं क्रेडाई छत्तीसगढ़ अध्यक्ष पंकज लाहोटी ने कहा कि जमीनों की सरकारी गाइडलाइन को लेकर क्रेडाई ने दावा-आपत्ति प्रस्तुत की है. सरकार से आश्वासन मिला है कि कीमतों का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा. बाजार नई संशोधित दरों का इंतजार कर रहा है.
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