शिखिल ब्यौहार, भोपाल। मध्यप्रदेश में SIR को लेकर कांग्रेस में रार जारी है। इसी कड़ी में फार्म 7 को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से शिकायत की है। कहा – 11 लाख नाम तीन दिन में बढ़ाना। 3 लाख से 11 लाख हो जाना, फार्म 7 के जरिए साजिश की जा रही है। फार्म 7 के अंतर्गत 50-50 वोटों की रक्षा के लिए मंत्रियों की ड्यूटी लगाई गई है। मीडिया रिपोर्ट है। जब यह शुद्धिकरण है तो बीजेपी के मंत्रियों की ड्यूटी क्यों लगा, बीजेपी एससी, एसटी, ओबीसी, माइनॉरिटी के नाम कटवा रही है। फॉर्म 7 का दुरुपयोग कर रही है, फार्म 7 के अंतर्गत एक व्यक्ति एक आपत्ति ले सकता है लेकिन बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने 25-25 आपत्तियां दी है। इसके प्रमाण हमने निर्वाचन आयोग को आज दिए हैं।

पीसीसी चीफ की BLO को चेतावनी

यदि एक बूथ पर भी अनियमितता मिली तो आप पर FIR दर्ज होगी। आपने बीजेपी का साथ दिया या नाम अवैध तरीके से जोड़ा या काटा तो आपके खिलाफ FIR करेंगे। यही निर्देश सर्वोच्च न्यायालय ने भी असम और बिहार के संदर्भ में दिया है। बीएलओ से आग्रह करता हूं कुछ BLO ईमानदारी से काम कर रहे हैं, कुछ बीजेपी के नेताओं के प्रभाव में आकर काम कर रहे हैं। आपकी पूरी CR बिगड़ जाएगी, आपके लिए भाजपा के लोग हथेली लगाने नहीं आएंगे। चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी BLO का काम कर रहे हैं। यदि बीजेपी के लिए काम किया तो थाने और जेल की सलाखें आपके लिए होगी। लोगों को पता ही नहीं है और उनके नाम से ऑनलाइन फर्जी आपत्तियां चढ़ाई जा रही है। खासतौर से अल्पसंख्यक और आदिवासी क्षेत्र से ऐसा हो रहा है..वोट चोरी करके यह चुनाव जीतना चाहते हैं।

मंत्री विश्वास सारंग हारे थे बीता चुनाव

मंत्री विश्वास सारंग की सीट और दक्षिण पश्चिम से एक-एक लाख वोट कम हुए जहां से मार्जिन इतना ही है। ये जीते थे कि हारे हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हमने कहा है कि यह गड़बड़ियों पर रोक लगाई जाए।

एक भी कलेक्टर बिना पैसे लिए काम नहीं करता

CS की कलेक्टर कमिश्नर्स कांफ्रेंस पर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा- मुख्य सचिव ने के हवाले से खबर आई है। कलेक्टर कमिश्नर्स की कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा उन्होंने कहा कि एक भी कलेक्टर बिना पैसे लिए काम नहीं करता। यह बातचीत सेक्रेटरी कह रहा है और उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को इस बात का पता है। मैंने मामले में प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी लिखी है कि मैं ना खाऊंगा ना खाने दूंगा फिर मध्यप्रदेश में यह क्या हो रहा है।

प्रदेश में प्रशासनिक अराजकता

प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों ने यह साबित कर दिया है कि प्रदेश के सारे कलेक्टर चोर हैं और यह प्रशासनिक मुखिया मुख्य सचिव कह रहा है एक भी मंत्री ऐसा है कि मैं ईमानदार हो।मध्य प्रदेश में प्रशासनिक अराजकता है सरकार बदलने की आवश्यकता है। कलेक्टर यदि पैसा खाएगा तो ऊपर के अधिकारी से लेकर चपरासी तक हर व्यक्ति पैसा खाएगा और खा रहे हैं। मध्य प्रदेश का एक-एक आदमी जानता है कि बिना पैसे के किसी भी सरकारी विभाग में काम नहीं होता है।

सुप्रीम कोर्ट का न्याय संगत

भोजशाला मामले पर जीतू पटवारी ने कहा- भारत के एक-एक नागरिक का दायित्व है। हमारी संस्कृति सभ्यता संस्कार भाईचारा सब मिलकर इसकी रक्षा करें। जो सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है, वह न्याय संगत है। हिंदुओं को हिंदुओं के समय पर और मुसलमानों को मुसलमानों के समय पर नमाज करनी चाहिए। यह कांग्रेस का स्पष्ट है, यह सरकार की जिम्मेदारी है। जो सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अलावा बात करते हैं। वह उनसे निपटने और यही सरकार की जिम्मेदारी है।

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