रायपुर। कांग्रेस पार्टी ने सरकार से धान खरीदी की तिथि 1 माह बढ़ाने की मांग की है. इसके लिए छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने धान खरीदी के लिए बचे 9 दिन में भी 4 दिन अवकाश होने और 165 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के विरुद्ध अभी तक मात्र 115 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी होने का हवाला दिया है.
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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राजीव भवन में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए सरकार और भाजपा को कटघरे में खड़ा किया. उन्होंने धान खरीदी की तिथि बढ़ाने, धान खरीदी में भ्रष्टाचार, मनरेगा, जमीनों की गाइडलाइन की दरों तथा शंकराचार्य के अपमान को लेकर भाजपा को कटघरे में खड़ा किया.

बैज ने कहा कि सरकार ने धान खरीदी की अंतिम तिथि 31 जनवरी घोषित किया है. इस लिहाज से सिर्फ 9 दिन बचे हैं, उसमें भी 4 दिन – 24, 25, 26, 31 जनवरी- छुट्टियां है. सिर्फ 5 दिन और खरीदी होगी. वहीं दूसरी ओर सरकार ने ऑनलाइन टोकन काटना बंद कर दिया है, और ऑफ लाइन भी टोकन नहीं काटा जा रहा है. अभी तक 5.5 लाख किसान धान नहीं बेच पाये है. धान खरीदी के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए भी तिथि बढ़ाया जाना आवश्यक है. ऐसे में कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि धान खरीदी की तिथि 1 माह बढाई जाए.
किसानों का हक नहीं दे रही सरकार.
दीपक बैज ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि सरकार किसानों का पूरा भुगतान नहीं कर रही है. भाजपा ने 2023 में वादा किया था कि किसानों को 3100 रुपए प्रति क्विंटल में धान खरीदेगी. भाजपा की सरकार बनने के बाद दो सालों में धान के समर्थन मूल्य में 186 रू. की बढ़ोत्तरी हुई. भाजपा सरकार किसानों को इस बढ़ोत्तरी को जोड़कर 3286 रू. में भुगतान करें. प्रति एकड़ 21 क्विंटल के हिसाब से सरकार प्रति एकड़ किसानों को 3906 रू. भी नहीं दे रही है. इस तरह से लगभग 6500 करोड़ छत्तीसगढ़ के किसानों के हक का नहीं दे रही है यह सरकार.
कांग्रेस मजदूरों की आवाज उठा रही
मनरेगा का जिक्र करते हुए छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मोदी सरकार ने ग्रामीण भारत को रोजगार देने वाले कानून मनरेगा के स्वरूप में परिवर्तन कर दिया है. यह महात्मा गांधी के आदर्शों पर कुठाराघात है, मजदूरों के अधिकारों को सीमित करने वाला निर्णय है. मोदी सरकार ने “सुधार“ के नाम पर झांसा देकर लोकसभा में एक और बिल पास करके दुनिया की सबसे बड़ी रोज़गार गारंटी स्कीम मनरेगा को खत्म कर दिया है. कांग्रेस मनरेगा बचाओ संग्राम का और विस्तार करेगी. पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों के तहत पूरे फरवरी माह तक हमारा आंदोलन चलेगा.
पिछले साल के गाइडलाइन को तुरंत करें लागू
बैज ने कहा कि जमीनों के गाइड लाइन की दरों को विसंगतिपूर्ण और बेतहाशा बढ़ाने के बाद जब विरोध हुआ तो सरकार ने उस पर रोक लगा दिया और 15 दिनों में फैसले की बात कही गई. 1 माह से अधिक हो गया सरकार अनिर्णय की स्थिति में है. सरकार के इस अनिर्णय के कारण जमीन की खरीदी बिक्री लगभग बंद है. आम आदमी किसान, व्यापारी सभी परेशान है. इससे साबित हो रहा कि सरकार में फैसला लेने की क्षमता नहीं बची ,है या सरकार की अपनी गुटबाजी के कारण गाइड लाइन की दरों पर सरकार फैसला नहीं ले पा रही है. हमारी मांग है कि पिछले साल की गाइडलाइन को ही सरकार तत्काल लागू करे.
शंकराचार्य का अपमान सनातन धर्म का अपमान
प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शाही स्नान से रोके जाने और उनके साथ हुए दुर्व्यवहार की कड़ी आलोचना करते हुए दीपक बैज ने कहा कि खुद को हिंदुओं का मसीहा बताने वाली भाजपा सरकार हिंदु संतों का अपमान कर रही है. शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पिछले 40 वर्षों से नियमित रूप से शाही स्नान करते आ रहे हैं, और यह पहली बार है जब उन्हें इस अखंड धार्मिक परंपरा से रोका गया है. भाजपा सरकार ने शंकराचार्य जी को स्नान से रोक कर सनातन परंपरा का अपमान किया है.
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