कुंदन कुमार, पटना। शंभू हॉस्टल में हुए नीट छात्रा के संदेहास्पद मौत को लेकर बिहार में विपक्ष लगातार हमलावर है। आज मंगलवार (27 जनवरी) को आइसा और ऐपवा के द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर कई आरोप लगाए गए। ऐपवा की सचिव मीना तिवारी ने मांग की की इस मामले की जांच सीबीआई से करवानी चाहिए। क्योंकि एसआईटी जो जांच कर रही है, उस जांच में कुछ साफ नहीं हो रहा है।

मीना तिवारी ने साफ-साफ कहा कि, जहां केंद्र में बैठी हुई सरकार ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ का नारा दे रही है। वहीं, बिहार में लगातार बेटियों के साथ बलात्कार हत्या जैसी वारदातें हो रही हैं। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गृह मंत्री के पद पर बने हुए हैं। प्रतिदिन कुछ से कुछ बयान कर रहे हैं, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं दिख रहा है। लगातार अपराध बढ़ रहा है। बहन बेटियों से बलात्कार की घटना बढ़ रही है, लेकिन सरकार कुछ नहीं कर रही है।

उन्होंने आगे कहा कि, हमारी टीम 4 फरवरी को पीड़ित परिवार से उनके गांव जाकर मुलाकात करेगी, उसके बाद विधानसभा का सत्र शुरू हो रहा है। 13 फरवरी को हम लोग विधानसभा का घेराव भी करेंगे। उन्होंने कहा कि, पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना हमारा काम है। न्याय दिलाने के लिए, जो कुछ होगा हम लोग करेंगे।

बता दें कि पटना नीट छात्रा मौत मामले में पुलिस ने मामले में 6 संदिग्धों का डीएनए सैंपल लिया है, जिसे जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। सभी सैंपल मेडिकल टीम और मजिस्ट्रेट की देखरेख में लिया गया है। बता दें कि जिन 6 संदिग्धों का डीएनए सैंपल लिया गया है, वे सभी शंभू हॉस्टल में आते-जाते रहते थे। साथ ही छात्रा की मौत वाले दिन भी इन सभी को हॉस्टल के पास देखा गया था।

संदिग्धों से डीएनए सैंपल लेने के बाद उसे सील बंद कर एफएसएल रिपोर्ट से मिलान करने के लिए भेजा गया है। पुलिस का मानना है कि डीएनए रिपोर्ट से मामले में बड़ी सफलता मिल सकती है, जिससे दोषियों की पहचान करने में आसानी होगी।

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