कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। द्वारिका शारदा पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती अल्प प्रवास पर ग्वालियर पहुंचे। जहां उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुई घटना और यूजीसी मामले पर बड़ा बयान दिया है।

शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ हुई घटना को लेकर कहा कि उस घटनाक्रम का जो राजनीतिक मामला बना, उसको बनने का मौका प्रशासन ने ही दिया। गलती प्रशासन से हो गई थी तो उन्हें क्षमा मांगनी चाहिए थी। वहीं पर मामला खत्म हो जाता। उत्तर प्रदेश सरकार की संपत्ति छीनने के लिए वह गए नहीं थे, वह स्नान करने के लिए गए थे और प्राधिकरण आव्हान करता है स्नान करने के लिए, निमंत्रण देता है, विधिवत बाकायदा मंगल पूजा होती है, ध्वज पूजन होता है, गंगा पूजन होता है। उसके बाद महात्मा लोग वहां पहुंचते हैं। आप खुद कहते हैं करोड़ों लोगों ने स्नान किया। 

उन्होंने आगे कहा कि स्वामी जी के साथ सिर्फ 100 लोग थे, वह भी विद्यार्थी थे, कुछ भक्त और कुछ साधु थे। जब आप ढाई करोड़ लोगों को स्नान करा सकते हैं तो 100 लोगों को स्नान नहीं करा सकते क्या? लेकिन अहंकार जब हमारे बीच में आता है तब वह सिद्धांत को कुचल देता है। तब धर्म नहीं दिखाई देता है। वहां अपना अहम ही सिद्ध करना होता है। यह प्रशासन की भूल है। उनको आज भी क्षमा मांगनी चाहिए। शंकराचार्य जी संत है वह भी क्षमा करेंगे।

रामभद्राचार्य महाराज के अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर दिए बयान पर उन्होंने कहा कि वह उनकी व्यक्तिगत टिप्पणी होगी, मैं उस पर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करूंगा। बहुत लोगों ने बहुत कुछ कहा है, इस विषय में जाएंगे तो बहुत कुछ बोलना पड़ेगा। मूल बात सिर्फ यही है कि स्नान करने की सुविधा प्रदान की जानी चाहिए थी। राजा, प्रशासन किसके लिए होता ह। ग्वालियर के जिला अध्यक्ष ग्वालियर के लिए नगर वासियों के लिए हैं। प्रजा का काम करना राजा का कर्तव्य होता है। जिन्हें जो अधिकार दिया गया है, वह प्रजा की सेवा के लिए दिया गया है। पहले राजा का बेटा राजा होता था, अब राजा का निर्माण हम लोग, आप लोग करते हैं। मतदान करके करते हैं। लोक भावना का ध्यान रखना यह राजा का काम है। मंत्रियों का काम है, मुख्यमंत्री का काम है, प्रधानमंत्री का काम है,यह सब का काम है।

UGC के विरोध को लेकर उन्होंने कहा कि यूजीसी की कोई आवश्यकता ही नहीं है। पहले से कोई विधान है जो अपराध करें उसको पकड़ो। जाति के आधार पर क्यों पकड़ रहे हो? आप अपराधी को पकड़ो, अपराधी कोई भी हो सकता है, ब्राह्मण भी हो सकता है, क्षत्रिय, वैश्य और दूसरे भी हो सकते हैं। आप जाति के आधार पर उन्हें अपराधी क्यों सिद्ध कर रहे हो? अपराध करने वाले का अपराध सिद्ध करो और उसे पकड़ो। पहले से जब कानून है। उन्होंने आरक्षण समाप्त करने के सवाल पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। 

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