Delhi Morning News Brief (दिल्ली मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ): कल (28 जनवरी 2026) की खबरों में दिल्ली में बन रही पहली हाई-टेक जेल, 13 जिलों के लिए लिंक अधिकारियों की नियुक्ति, दिल्ली में 1000 रुपये प्रतिदिन सैलरी पर नाबालिग तस्कर, दिल्ली में विधायकों की मदद के लिए फेलो नियुक्ति फिर शुरू, दिल्ली में PUC सिस्टम पूरी तरह बदलेगा प्रमुख रहा।

1 दिल्ली में बन रही पहली हाई-टेक जेल

दिल्ली की तिहाड़ जेल में आए दिन होने वाली गैंगवार और हिंसा की घटनाएं अब बीते जमाने की बात हो सकती हैं। दिल्ली सरकार ने नरेला में शहर की पहली हाई-सिक्योरिटी जेल बनाने की तैयारी पूरी कर ली है। इस परियोजना के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है और उम्मीद जताई जा रही है कि फरवरी के मध्य से निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। नई जेल को अत्याधुनिक सुरक्षा मानकों पर तैयार किया जाएगा, जिससे खतरनाक और हाई-रिस्क कैदियों को अलग और सुरक्षित तरीके से रखा जा सकेगा।

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2.  13 जिलों के लिए लिंक अधिकारियों की नियुक्ति

दिल्ली सरकार ने राजधानी की प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुचारु, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। सरकार ने हाल ही में गठित किए गए राजधानी के सभी 13 जिलों के लिए लिंक अधिकारियों की नियुक्ति कर दी है। सरकार के फैसले के तहत प्रत्येक जिले के लिए दो-दो लिंक अधिकारी तैनात किए गए हैं, ताकि किसी भी कारण से अगर एक अधिकारी अनुपस्थित हो, तो प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हो और जनता से जुड़े जरूरी काम निर्बाध रूप से चलते रहें।

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3 दिल्ली में 1000 रुपये प्रतिदिन सैलरी पर नाबालिग तस्कर

राजधानी दिल्ली में अवैध शराब तस्करी के लिए अब नाबालिगों का इस्तेमाल किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कुख्यात शराब तस्कर अब पुलिस की नजरों से बचने के लिए नाबालिगों को बाकायदा वेतन पर रखकर तस्करी का काम करवा रहे हैं। यह खुलासा बिंदापुर इलाके में अवैध शराब की तस्करी करते हुए पकड़े गए एक नाबालिग से पूछताछ के दौरान हुआ।

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4 दिल्ली में विधायकों की मदद के लिए फेलो नियुक्ति फिर शुरू

दिल्ली सरकार एक बार फिर सभी विधायकों को उनके विधायी और निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े कामों में मदद करने के लिए 100 से ज्यादा युवा फेलो नियुक्त करने जा रही है। इस संबंध में तैयारी भी शुरू कर दी गई है। पिछले अनुभव के मुताबिक, फेलो नियुक्ति का मुद्दा उपराज्यपाल कार्यालय और दिल्ली की पिछली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के बीच बड़ा विवाद का कारण बना था। अब नई सरकार इसे लागू करने के लिए पूर्व योजना और नियमों के अनुरूप प्रक्रिया सुनिश्चित कर रही है।

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5 दिल्ली में PUC सिस्टम पूरी तरह बदलेगा

दिल्ली सरकार प्रदूषण जांच (PUC) की मौजूदा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। राजधानी में सड़क किनारे बने छोटे PUC बूथों की जगह अब बड़े और सेंट्रलाइज्ड PUC सेंटर बनाए जा सकते हैं। सरकार इस नई व्यवस्था को ‘PUC 2.0’ मॉडल के तौर पर विकसित कर रही है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, PUC 2.0 में मानव हस्तक्षेप कम होगा और टेक्नोलॉजी आधारित सिस्टम फैसले लेगा। प्रदूषण जांच पूरी तरह ऑटोमेटेड, स्टैंडर्ड और डिजिटल होगी, जिससे फर्जी सर्टिफिकेट और मनमानी पर रोक लगाई जा सकेगी।

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कल की कुछ महत्वपूर्ण खबरेंः-

बीटिंग रिट्रीट तक Delhi Metro में हाई अलर्ट: दिल्ली में 29 जनवरी तक मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। ऐसे में अगर आप मेट्रो से सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो घर से अतिरिक्त समय लेकर निकलें। इसे लेकर दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने मंगलवार को यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। डीएमआरसी के मुताबिक, सुरक्षा कारणों से स्टेशनों पर चेकिंग बढ़ा दी गई है, जिससे प्रवेश और एग्जिट के दौरान यात्रियों को थोड़ा अधिक समय लग सकता है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे सुरक्षा जांच में सहयोग करें और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। (पढ़े पूरी खबर)

केंद्रीय सैन्य बल में नियुक्ति के बाद 10 साल सेवा अनिवार्य: दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने एक अहम आदेश में स्पष्ट किया है कि केंद्रीय सैन्य बलों में नियुक्त जवान को कम से कम 10 साल की सेवा देना अनिवार्य है। अदालत ने कहा कि किसी जवान के स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने की स्थिति में सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जा सकता। हाईकोर्ट ने अपने तर्क में कहा कि एक सैनिक या अर्धसैनिक बल के जवान को तैयार करने में सरकार को लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। इसमें भर्ती प्रक्रिया, प्रशिक्षण, संसाधन और अन्य प्रशासनिक खर्च शामिल होते हैं। ऐसे में यदि कोई जवान तय अवधि से पहले ही नौकरी छोड़ देता है, तो यह राजकोषीय नुकसान का कारण बनता है। (पढ़े पूरी खबर)

दिल्ली द्वारका कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी: दिल्ली की द्वारका कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद बुधवार को अदालत परिसर में हड़कंप मच गया। अधिवक्ताओं के अनुसार, सुबह करीब 11 बजे के बाद बम होने की सूचना मिली, जिसके तुरंत बाद सुरक्षा कारणों से कोर्ट परिसर को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ता और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। कोर्ट में मौजूद जज, वकील, कोर्ट स्टाफ और आम लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद पूरे परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। (पढ़े पूरी खबर)

दिल्ली सरकार का नया प्लान: दिल्ली सरकार आम जनता की सुविधा और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करने जा रही है। इसके तहत दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के जोन अब राजधानी के 13 जिलों के अनुरूप बांटे जाएंगे। सरकार का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य सरकारी सिस्टम की उलझनों को खत्म करना,नागरिकों को एक ही जगह से सभी सेवाएं उपलब्ध कराना,प्रशासनिक कामकाज को तेज और पारदर्शी बनाना अधिकारियों के मुताबिक, पहले DJB जोन और दिल्ली के प्रशासनिक जिले अलग-अलग थे, जिससे लोगों को कई बार अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब जोन और जिले का मेल होने से यह परेशानी दूर होगी। (पढ़े पूरी खबर)

सौरभ भारद्वाज का CM रेखा पर तीखा हमला: आम आदमी पार्टी(AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज(Saurabh Bhardwaj) ने दिल्ली में कूड़े के नए पहाड़ बनाने को लेकर बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार दिल्ली को कूड़े के पहाड़ देकर भारत की ‘कैंसर कैपिटल’ बना रही है। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि यह सरकार भलस्वा का कूड़ा किराड़ी में डाल रही है, और वहां रह रहे गरीब और पूर्वांचलियों को कैंसर जैसी घातक बीमारियों का तोहफा दे रही है। उन्होंने कहा कि यह कदम स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए गंभीर खतरा है और सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। (पढ़े पूरी खबर)

रक्षा उत्पादन को मजबूती देने के लिए मंत्रालय ने उठाया बड़ा कदम: रक्षा उत्पादन को मजबूती देने के लिए मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाया है. रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार ने सोमवार को देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के निदेशकों और डीन के साथ एक वर्चुअल बातचीत की. इस बैठक में IIT, NIT, IISc सहित 24 बड़े संस्थानों के प्रतिनिधि, रक्षा सार्वजनिक उपक्रम (DPSU) और अन्य शामिल हुए. बातचीत का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक अनुसंधान को रक्षा उत्पादन की जरूरतों से जोड़ना और इसके लिए एक स्थायी व संरचित तंत्र विकसित करना रहा. बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि छात्रों द्वारा संचालित लंबे समय वाले शोध को बढ़ावा दिया जाए  (पढ़े पूरी खबर)

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