दिल्ली क्राइम ब्रांच ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय ड्रग्स रैकेट का पर्दाफाश किया है. इस कार्रवाई में क्राइम ब्रांच ने 31 किलो अल्प्राजोलम टैबलेट बरामद की हैं, जो कि करीब तीन लाख गोलियों के बराबर है. यह मात्रा NDPS एक्ट के तहत तय व्यावसायिक मात्रा से कई गुना ज्यादा है. पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली थी कि NCR में भारी मात्रा में साइकोट्रॉपिक ड्रग्स की सप्लाई की जा रही है. इस सूचना के आधार पर दिल्ली पुलिस की टीम ने नंद नगरी बस डिपो के पास जाल बिछाया. यहां एक ग्लैंजा कार में सवार दो लोगों को रोका गया. तलाशी लेने पर कार से भारी मात्रा में अल्प्राजोलम टैबलेट बरामद हुई.
तीन आरोपियों की गिरफ्तारी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शमीम और राजीव शर्मा के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं. जांच के दौरान पुलिस ने कार के मालिक मोहित गुप्ता को भी गिरफ्तार किया. मोहित की एक मेडिकल फर्म है, जिसके जरिए इन नशीली गोलियों को स्थानीय दवा दुकानों तक पहुंचाया जाता था.
हिमाचल से UP-NCR तक फैला था नेटवर्क
पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए. आरोपियों ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के परवाणू इलाके में अवैध रूप से अल्प्राजोलम की गोलियां बनाई जाती थीं. इसके बाद इन्हें उत्तर प्रदेश और NCR के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई किया जाता था. यह एक संगठित रैकेट था जो कई राज्यों में फैला हुआ था.
पुलिस ने मौके से दवाओं के साथ-साथ पैकिंग में इस्तेमाल होने वाला एल्यूमिनियम फॉयल, PVC शीट रोल और बैच नंबर व एक्सपायरी डेट लगाने के लिए रबर स्टैम्प भी बरामद किए हैं. यह सब सामान नकली दवाओं को असली बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता था.
जांच जारी, और गिरफ्तारियां संभव
दिल्ली पुलिस ने इस पूरे मामले में क्राइम ब्रांच थाने में NDPS एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है. पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है और आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है. यह कार्रवाई नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर एक बड़ा प्रहार है.


