भुवनेश्वर : खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री कृष्ण पात्र के क्वार्टर को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। विवाद मंत्री के असिस्टेंट की मौत को लेकर शुरू हुआ है। पटनागढ़ के बेलपाड़ा के रहने वाले शंकरशन नाग क्वार्टर में असिस्टेंट के तौर पर काम कर रहे थे। 46 साल के शंकरशन की संदिग्ध मौत ने अब पूरे राज्य में हंगामा मचा दिया है।
बुधवार सुबह 6:30 बजे शंकरशन को मिनिस्टर के क्वार्टर से सीधे कैपिटल हॉस्पिटल क्यों ले जाया गया। और फिर डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शंकरशन की मृत शरीर का पोस्टमार्टम करने के बाद उनके गांव भेज दिया। हालांकि, पुलिस की इस जल्दबाजी ने मिनिस्टर के लिए अजीब स्थिति पैदा कर दी है।
मंत्री के क्वार्टर में एक सहयोगी की मौत पर पुलिस की चुप्पी ने शक को और बढ़ा दिया है। एक स्वस्थ आदमी अचानक बीमार कैसे पड़ गया? उसे किस वजह से अस्पताल ले जाया गया? उसे अस्पताल कौन ले गया? कोई साइंटिफिक टीम मौके पर गए थे या नहीं? पुलिस ने मौत की वजह की जांच किए बिना अननैचुरल डेथ का केस क्यों दर्ज किया? ऐसे कई बिना जवाब वाले सवाल लोगों के मन में उठना स्वाभाविक है।

इस बीच, पुलिस का कहना है कि शंकरशन की डेड बॉडी उनके घर पर मिली है, जबकि उनके घर में ताला लटका हुआ मिला है। अगर यह घटना बहुत सिंपल है, तो क्या इसके बारे में सुनकर कन्फ्यूज किया जा रहा है? या कोई जानबूझकर इस घटना को तूल देकर मंत्री को फंसाने की साजिश कर रहा है?
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