Union Budget 2026-2027: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज रविवार 1 फरवरी 2026 को लोकसभा में अपना 9वां बजट पेश कर रही हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार के कदमों से 7 प्रतिशत का विकास और गरीबी कम करने में मदद मिली है। भारत को वैश्विक बाजारों से एकीकृत होना होगा। उन्होंने कहा कि, सरकार ने व्यापक सुधार किए हैं। 2025 में 350 से अधिक सुधारों को शुरू किया गया है।

पटना में बनेगा शिप रिपेयर इकोसिस्टम

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि, वाराणसी और पटना में शिप रिपेयर इकोसिस्टम बनाया जाएगा। रेयर अर्थ मटेरियल के लिए ओडिशा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश में डेडिकेटेड फेसिलिसिटी बनाने की पहल की गई है। इसके लिए डेडिकेटेड मिनरल पार्क बनाए जाएंगे।

हर जिले में बनेंगे गर्ल्स हॉस्टल

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया है कि उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाए जाएंगे। साथ ही उन्होंने बताया कि, 16वें वित्त आयोग ने अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंपी थी, उनकी सलाह को स्वीकार कर लिया है। हमने 1.4 लाख करोड़ रुपये हम 2026-27 में राज्यों को दे रहे हैं, जिसमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से जुड़े विकास के लिए हैं।

इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स के मोर्चे पर कोई राहत नहीं दी है और उन्होंने आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इनकम टैक्स स्लैब पहले की तरह ही रहेंगे। इसके अलावा, स्टैंडर्ड डिडक्शन में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है।

कैंसर रोगियों के लिए सस्ती होंगी 17 दवाएं

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि, मरीजों, खासकर कैंसर से पीड़ित लोगों को राहत देने के लिए, मैं 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट देने का प्रस्ताव करती हूं। मैं दवाओं, मेडिसिन और खास मेडिकल मकसद के लिए इस्तेमाल होने वाले खाने के पर्सनल इंपोर्ट पर इंपोर्ट ड्यूटी से छूट देने के मकसद से 7 और दुर्लभ बीमारियों को जोड़ने का भी प्रस्ताव करती हूं।

क्या होता है बजट?

केंद्रीय बजट किसी भी देश के सबसे महत्वपूर्ण वार्षिक वित्तीय दस्तावेजों में से एक है। भारत में, केंद्रीय बजट आगामी वित्तीय वर्ष के लिए सरकार के राजस्व, व्यय, राजकोषीय नीतियों और आर्थिक प्राथमिकताओं की रूपरेखा प्रस्तुत करता है। इसका नागरिकों, व्यवसायों, निवेशकों और समग्र अर्थव्यवस्था पर सीधा प्रभाव पड़ता है। केंद्रीय बजट महज एक वार्षिक वित्तीय प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह देश के आर्थिक भविष्य का मार्गदर्शक है। यह विकास, रोजगार, कराधान, कल्याण और वित्तीय स्थिरता को प्रभावित करता है।

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