पटना। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करते हुए बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास पर बड़ा फोकस किया। बिहार के लिए खास घोषणा करते हुए पटना में शिप रिपेयर सेंटर स्थापित करने की बात कही गई है। वाराणसी के साथ पटना में विकसित होने वाला यह शिप रिपेयर इकोसिस्टम जल परिवहन और स्थानीय रोजगार को नई दिशा देगा।
बजट में वाराणसी–सिलीगुड़ी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा भी की गई, जिससे बक्सर, आरा, पटना, कटिहार और किशनगंज को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, 5 लाख से अधिक आबादी वाले बिहार के आठ शहर—पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, दरभंगा, बेगूसराय, नालंदा, पूर्णिया और गया—को अतिरिक्त विकास फंड दिया जाएगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश पर जोर
सरकार ने 2026-27 के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय तय किया है, जो पिछले वर्ष से अधिक है। टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास के लिए भी 12.2 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। देशभर में सात हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे।
उद्योग और टेक्नोलॉजी को बढ़ावा
टेक्सटाइल पार्क स्थापित किए जाएंगे। 10,000 करोड़ रुपये की ‘बायो-फार्मा शक्ति’ योजना के तहत तीन नए संस्थान खुलेंगे। सेमीकंडक्टर मिशन ISM 2.0 और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण के लिए 40,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
टैक्स और स्वास्थ्य
इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन फॉर्म सरल किए गए हैं। 1 अप्रैल 2026 से नए नियम लागू होंगे। कैंसर सहित सात गंभीर बीमारियों की दवाएं सस्ती होंगी।
बजट पर रोहिणी आचार्य ने तंज कसते हुए कहा कि यह “पुराने सामान को नए डिब्बे में परोसने” जैसा है।
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