रायपुर। जिले की सरकारी शराब दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन से हर माह ₹10,000 की कथित अवैध कटौती का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि कागज़ों में कर्मचारियों को पूरा वेतन भुगतान दिखाया जा रहा है, जबकि वास्तविकता में उनके बैंक खातों में कम राशि जमा की जा रही है। इस मामले को लेकर युवा कांग्रेस ने जिला आबकारी अधिकारी, रायपुर को ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

युवा कांग्रेस उत्तर विधानसभा अध्यक्ष नवाज़ खान ने बताया कि बीते दो महीनों से शराब दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन से लगातार अवैध रूप से राशि काटी जा रही है। विभागीय अभिलेखों में पूरा भुगतान दर्शाया जा रहा है, लेकिन कर्मचारियों को वास्तविक रूप से पूरा वेतन नहीं मिल रहा। कटौती की गई राशि के संबंध में न तो कोई लिखित आदेश दिया जा रहा है और न ही कोई स्पष्ट कारण बताया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में बिल पास करने से लेकर भुगतान प्रक्रिया तक में गंभीर अनियमितताएं की जा रही हैं। कागज़ों में पूर्ण भुगतान दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है, जो संगठित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। जब कर्मचारियों ने इस अवैध कटौती पर सवाल उठाए, तो उन्हें नौकरी से हटाने की धमकी दी गई और विभागीय स्तर पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
युवा कांग्रेस ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि पूरे प्रकरण की सात दिवस के भीतर निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही जांच रिपोर्ट की प्रति संगठन को उपलब्ध कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।



नवाज़ खान ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो युवा कांग्रेस इस कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़े स्तर पर आंदोलन करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
इस मामले के सामने आने के बाद आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या कदम उठाता है और कर्मचारियों को न्याय दिलाने के लिए कितनी तत्परता दिखाता है।
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