India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर समझौते के बाद, मंगलवार, 3 फरवरी को भारतीय टेक्सटाइल कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त उछाल देखा गया. टेक्सटाइल स्टॉक, जो कुछ समय से अमेरिकी टैरिफ के कारण काफी दबाव में थे, उनमें जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली.

इस दौरान कई स्टॉक 20 प्रतिशत के अपर सर्किट पर पहुंच गए. गोकलदास एक्सपोर्ट्स, वेलस्पन लिविंग, केपीआर मिल और इंडो काउंट इंडस्ट्रीज, समेत कई कंपनियों के शेयरों में 15 से 20 प्रतिशत की तेजी आई.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार देर रात सोशल मीडिया के जरिए दोनों देशों के बीच ट्रेड डील की घोषणा की. इस समझौते के तहत, अमेरिका में भारतीय सामानों पर टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है. इस घोषणा ने निवेशकों की सोच को पूरी तरह बदल दिया, जिससे अमेरिकी बाज़ार पर निर्भर टेक्सटाइल कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी हुई.
किन शेयरों में सबसे ज्यादा फायदा हुआ?
ट्रेड डील की खबर के बाद, गोकलदास एक्सपोर्ट्स, केपीआर मिल, वेलस्पन लिविंग, ट्राइडेंट, एसपी अपैरल और इंडो काउंट इंडस्ट्रीज जैसे बड़े टेक्सटाइल स्टॉक 20 प्रतिशत के अपर सर्किट पर पहुंच गए. कई अन्य टेक्सटाइल शेयरों में भी 15 से 20 प्रतिशत की तेजी देखी गई, जिससे पूरा सेक्टर निवेशकों की नजर में आ गया.
भारत-अमेरिका ट्रेड डील में क्या खास है?
इस ट्रेड डील के तहत, भारतीय टेक्सटाइल और कपड़ों के निर्यात पर अब अमेरिका में 18 प्रतिशत का टैरिफ लगेगा. यह टैरिफ दूसरे देशों पर लगाए गए टैरिफ से कम है. वियतनाम और बांग्लादेश से कपड़ों के निर्यात पर अमेरिका में 20 प्रतिशत का टैरिफ लगता है, जबकि भारत के लिए यह दर 18 प्रतिशत तय की गई है.
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह अंतर भारत के लिए एक बड़ा मौका हो सकता है, क्योंकि भारतीय उत्पाद अब कीमत के मामले में अमेरिकी बाजार में ज़्यादा प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे.
टेक्सटाइल सेक्टर सबसे ज़्यादा प्रभावित क्यों हुआ?
भारतीय सामानों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने की अमेरिकी घोषणा के बाद, टेक्सटाइल शेयरों में भारी बिकवाली का दबाव देखा गया था. टेक्सटाइल कंपनियां अमेरिकी बाजार पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं.
कई कंपनियां अपनी कुल कमाई का 50 से 70 प्रतिशत अमेरिकी बाजार से कमाती हैं. यही वजह है कि आपसी टैरिफ की घोषणा और अमेरिका द्वारा दूसरे देशों के साथ ट्रेड डील करने की खबरों से निवेशक चिंतित थे.
एनालिस्ट्स के मुताबिक, बांग्लादेश का US रेडी-मेड गारमेंट इंपोर्ट मार्केट में लगभग 9 प्रतिशत हिस्सा है, और वियतनाम का लगभग 19 प्रतिशत, जबकि भारत का हिस्सा सिर्फ़ 6 प्रतिशत रहा है. अब, कम टैरिफ के साथ, भारत का मार्केट शेयर बढ़ने की उम्मीद है, जिससे लंबे समय में भारतीय टेक्सटाइल कंपनियों को फ़ायदा हो सकता है.
हाल की गिरावट के बाद राहत
ट्रेड डील से पहले टेक्सटाइल स्टॉक्स में तेज गिरावट देखी गई थी. पिछले महीने, गोकलदास एक्सपोर्ट्स के शेयर लगभग 17 प्रतिशत गिर गए थे, जबकि वेलस्पन लिविंग और इंडो काउंट इंडस्ट्रीज में क्रमशः 6 प्रतिशत और 14 प्रतिशत की गिरावट आई थी. मंगलवार की तेजी से इन स्टॉक्स को काफी राहत मिली.
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