पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पहली बार खुलकर यह स्वीकार किया है कि पाकिस्तानी सेना बलूचिस्तान की सुरक्षा करने में सक्षम नहीं है. उन्होंने माना कि हाल के दिनों में बढ़े आतंकी और विद्रोही हमलों के बीच सेना को गश्त और नियंत्रण करने में भारी परेशानी हो रही है. उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब बलूचिस्तान में बलूच विद्रोहियों ने कई बड़े और खतरनाक हमले किए हैं. ख्वाजा आसिफ का यह बयान पाकिस्तान की हताशा को जाहिर करता है.

बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत

ख्वाजा आसिफ ने यह बात पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में कही. उन्होंने बताया कि बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है और देश के कुल क्षेत्रफल का 40 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा इसी राज्य में आता है. इतने बड़े इलाके की सुरक्षा करना सेना के लिए बेहद मुश्किल हो गया है. उन्होंने कहा कि सरकार को मजबूरी में बड़ी संख्या में सैनिक तैनात करने पड़े हैं, लेकिन इसके बावजूद पूरे इलाके पर नजर रखना संभव नहीं हो पा रहा है.

ख्वाजा आसिफ के बयान में दिख रही पाकिस्तानी सेना की हताशा

रक्षा मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि इतने विशाल और फैले हुए क्षेत्र की रखवाली करना किसी बड़े शहर की सुरक्षा से कहीं ज्यादा कठिन है. उन्होंने माना कि सैनिक अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन शारीरिक और संसाधनों की सीमाओं के कारण हर जगह गश्त करना संभव नहीं है. यह बयान पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है. ख्वाजा आसिफ ने संसद में यह भी चौंकाने वाला खुलासा किया कि बलूच विद्रोहियों के पास कई मामलों में पाकिस्तानी सेना से भी ज्यादा आधुनिक और महंगे हथियार हैं. उनके अनुसार विद्रोही लगभग 20 लाख रुपये की राइफल, 4 से 5 हजार डॉलर के थर्मल और लेजर सिस्टम और करीब 20 हजार डॉलर का पूरा लड़ाकू गियर इस्तेमाल कर रहे हैं. इससे साफ है कि विद्रोहियों की ताकत लगातार बढ़ रही है.

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