Bihar News: संसद बजट सत्र के दौरान कल लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपने संबोधन के दौरान आर्मी के पूर्व चीफ रहे नरवणे द्वारा लिखे गए एक किताब को कोट करना चाहा, जिसपर सदन में काफी हंगामा देखने को मिला। बीजेपी का कहना है कि ऐसी कोई किताब है ही नहीं, जिसे नेता प्रतिपक्ष कोट करना चाहते हैं। यह नियम के खिलाफ है।
बता दें कि जनरल नवरणे की किताब में चीन द्वारा भारतीय जमीन पर घुसने के दौरान पीएम मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व उच्च अधिकारियों द्वारा नवरणे के बीच हुई बातचीत का जिक्र किया गया है। हालांकि यह किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है। अब इस मुद्दे को लेकर सियासत तेज हो चुकी है।
राजद सांसद मनोज कुमार झा की इस मामले पर प्रतिक्रिया सामने आई है। दिल्ली में न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि, क्या उन्होंने (राहुल गांधी) जो चिट्ठी में लिखा, क्या वो हकीकत नहीं है, क्या वो चिंता का विषय नहीं होना चाहिए था? हमेशा तो वो सरकार में नहीं रहेंगे, लेकिन अगर व्यवस्थाएं बिगड़ जाती हैं, तो उनको संभालने में सदियां लग जाती हैं।
वहीं, इस मामले में राहुल गांधी ने आज कहा कि, सरकार कह रही है कि किताब है ही नहीं। स्पीकर ने कहा कि किताब नहीं है। देश के हर युवा को देखना चाहिए कि किताब है। ये नरवणे जी की किताब है, जिसमें उन्होंने पूरा लिखा है। मुख्य बात वही है, जो PM ने कहा – “जो उचित समझो वो करो”।
राहुल गांधी ने आगे कहा- जब (पूर्व) आर्मी चीफ जनरल नरवणे ने राजनाथ सिंह जी को फोन किया और कहा कि चीनी टैंक कैलाश रिज तक पहुंच गए हैं, तो हमें क्या करना चाहिए? पहले, राजनाथ सिंह ने उन्हें कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने जयशंकर जी, NSA और राजनाथ सिंह से पूछा लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। फिर उन्होंने एक बार फिर राजनाथ सिंह को फोन किया। राजनाथ सिंह ने उनसे कहा कि वह ‘टॉप’ से पूछेंगे। ‘टॉप’ का स्टैंडिंग ऑर्डर था कि अगर चीनी सेना आती है, तो हमें बिना इजाज़त के उन पर गोली नहीं चलानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि, नरवणे जी और हमारी सेना उन टैंकों पर गोली चलाना चाहती थी, क्योंकि वे (चीनी) हमारे इलाके में घुस गए थे। नरेंद्र मोदी जी ने मैसेज दिया कि “जो उचित समझो वो करो”। इसका मतलब है कि नरेंद्र मोदी ने अपनी ड्यूटी पूरी नहीं की। उन्होंने आर्मी चीफ से कहा कि जो मन करे वो करो क्योंकि “यह मेरे बस की बात नहीं है।” नरवणे जी लिखते हैं, ‘मुझे सच में बहुत अकेला महसूस हुआ, पूरे सिस्टम ने मुझे छोड़ दिया था। “
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