हेमंत शर्मा, इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर से बड़ी खबर है। इंदौर हाईकोर्ट से कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी को जमानत मिल गई है। इंदौर जिला कोर्ट से जमानत रद्द होने के बाद हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। अनवर पर लव जिहाद और धर्म परिवर्तन के मामले में केस दर्ज हुआ था। अनवर पर 26 से ज्यादा अपराध दर्ज है।
लव जिहाद के लिए फंडिंग का आरोप
दरअसल, अनवर कादरी पर लव जिहाद को बढ़ावा देने के लिये एक सम्प्रदाय विशेष के युवकों को पैसा (फंडिग) करना और युवकों को प्रेरित करने का भी आरोप है। अनवर की इस शर्मनाक घटना से शहर में बड़ा बुरा प्रभाव पड़ा और इस घटना को लेकर नागरिकों में आक्रोश दिखा। नागरिकों ने इस घटना को लेकर शहर में प्रदर्शन भी किया था। जिसमें बताया गया कि अनवर कादरी के इस कृत्य ने शहर में सदभावना को ठेस पहुंचाई और साम्प्रदायिक वातावरण भी बिगड़ा।
ये भी पढ़ें: लव जिहाद फंडिंग मामलाः वकील का भेष बनाकर पहुंचा था अनवर कादरी, फरारी के पीछे कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के नाम की चर्चा, पुलिस का दावा- उन्हें भी दोषी माना जाएगा
दर्जनों मामले है दर्ज
इस घटना को लेकर शहर के नागरिकों ने अनवर कादरी के खिलाफ पुलिस थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई। इससे पूर्व भी पार्षद अनवर कादरी पर जिले के विभिन्न थानों में आपराधिक व गंभीर धाराओं में 23 प्रकरण दर्ज हैं। इनके खिलाफ विभिन्न धाराएं जैसे- धारा-323, 506, 392, 324, 25 आर्म्स एक्ट, 302, 307, 452, 341, 427, 64, 64(2)(एम), धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम सहित कई अन्य आपराधिक धाराओं में गंभीर प्रकरण पंजीबद्ध हैं। उपरोक्त धाराओं के अलावा भी पार्षद अनवर कादरी पर अनेक धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध किये गये है।
ये भी पढ़ें: कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी की पार्षदी खत्म: 5 साल तक नहीं लड़ सकेंगे चुनाव, लव जिहाद के लिए फंडिंग करने का है आरोप
पार्षदी खत्म
इंदौर संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने नगर निगम इंदौर के वार्ड क्रमांक 58 के पार्षद अनवर कादरी को पार्षद पद से हटा दिया था। साथ ही धारा-23 के अंतर्गत पांच साल के लिए अयोग्य भी घोषित किया है। संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने यह कार्रवाई मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 19(1)(अ) के तहत की थी। आपको बता दें कि मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने संभागायुक्त से पार्षद अनवर कादरी को हटाये जाने की मांग की थी।

