Rajasthan News: सस्पेंड चल रहे व्याख्याता ने महेश नगर थाना इलाके में बुधवार शाम अर्जुन नगर फाटक के पास ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक मनोहर लाल भादू मूलतः जालोर के सांचौर के रहने वाले थे, जो सस्पेंड होने के बाद लंबे समय से महेश नगर में किराए के मकान में रहकर दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। हादसे के कुछ देर बाद मनोहर के दोस्तों ने उनके द्वारा भेजे गए सुसाइड नोट को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसमें लिखा है कि ‘मैं मरा नही हूं। पुलिस ने मेरी इरादतन हत्या कर डाली।

एसओजी के जोशीले तेवर ने मुझे में उस भट्टी में डाल दिया, जहां नित-रोज खुलासे हो रहे थे, लेकिन मैं इन मामलों में इतना शरीक नहीं था। 2022 या उससे पहले की कुछ गलतियां थीं। अजमेर एसओजी में दर्ज एफआईआर में मेरा कोई नाम नहीं था। उक्त मामले में रमेश अरेस्ट हुआ और चालान में भी मेरा कोई जिक्र नहीं था।

उस वक्त के जांच अधिकारी मुकेश सोनी मुझसे पूछताछ करता था कि मेरे पास कितने पैसे हैं, मुझ से रुपए ऐंठने की खूब कोशिश की। कुछ समय बाद उसका ट्रांसफर हो गया और एक साल के लिए मामला बंद हो गया। इसके बाद एक मामले में जैसे ही दिनेश कुमार गिरफ्तार हुआ तो मुझे केस में शामिल कर लिया। उस वक्त जांच अधिकारी एएसपी श्याम सुंदर बिश्नोई था। जिसे पूर्व जांच अधिकारी मुकेश सोनी ने कॉल करके बोला कि इस मामले में मनोहर भादू के अलावा किसी का नाम मत डालना। उसको 4 मामलों में आप घसीट सकते हो, उससे डरा धमकाकर कुछ भी करवा सकते हो। इसके बाद श्यामसुंदर ने 2 और मामलों में नाम डलवाया। पहली बार मुझे मेरा खुद का एग्जाम देते पकड़ा था। तब से लेकर तीन चार्जशीट में मुझे आरोपी बना दिया। मुझे बाहर से उठाकर मुल्जिम बनाया गया।

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