पटना। बिहार विधानसभा के तीसरे दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने धन्यवाद प्रस्ताव पर सरकार का पक्ष रखा। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने पूर्ववर्ती लालू-राबड़ी शासन का जिक्र करते हुए कानून-व्यवस्था और विकास को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला, जिसके बाद सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया।
2005 से बदला बिहार का माहौल
मुख्यमंत्री ने कहा कि 24 नवंबर 2005 को बिहार में पहली बार एनडीए की सरकार बनी और तब से राज्य में कानून का राज स्थापित हुआ है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार लगातार विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है। नीतीश कुमार ने कहा कि पहले बिहार की स्थिति बेहद खराब थी और लोग शाम ढलते ही घरों में कैद हो जाते थे। उन्होंने तंज भरे लहजे में पूछा, शाम के बाद कोई बाहर जाता था जी? इस टिप्पणी पर विपक्षी सदस्य अपनी सीटों से खड़े होकर विरोध जताने लगे।
शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क पर सरकार का दावा
सीएम ने कहा कि पहले शासनकाल में सामाजिक तनाव और हिंदू-मुस्लिम विवाद अधिक होते थे। शिक्षा व्यवस्था कमजोर थी और बहुत कम बच्चे स्कूल जाते थे। स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव था और सड़कों की स्थिति जर्जर थी। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने इन सभी क्षेत्रों में व्यापक सुधार किए हैं और बिहार को विकास की राह पर आगे बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री के बयान पर विपक्ष ने कड़ा विरोध दर्ज कराया और सदन में शोर-शराबा होता रहा। हालांकि, सरकार अपनी उपलब्धियों को गिनाने पर अडिग रही।
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें


