राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्य प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों के लिए तारीख पर तारीख का इंतजार खत्म होगा! मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के दिल्ली दौरे के बाद चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि एमपी में अगले दिनों में सत्ता और संगठन में ताबड़तोड़ नियुक्तियां होंगी। जिला स्तर से लेकर प्रदेश कार्य समिति, निगम, मंडल, आयोग और बोर्ड में नेताओं को एडजस्ट किया जाएगा।

एमपी में दो साल से राजनीतिक नियुक्ति नहीं हो पा रही है। दरअसल, पहले संगठन चुनाव, प्रदेश अध्यक्ष चुनाव और फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष और अब संगठन महामंत्री के हटने से नियुक्तियां टलते जा रही है। देरी के पीछे एक वजह खींचतान, गुटबाजी और अंतर्कलह भी बनी है। बताया जा रहा है कि क्षेत्रीय, जातीय संतुलन भी बड़ी चुनौती रहा है। बीजेपी के दिग्गज नेताओं में खींचतान चल रही है। सीनियर नेताओं के बीच तालमेल, समन्वय की कमी रही है।

कांग्रेस ने कही ये बात

कांग्रेस नेता डॉक्टर विक्रम चौधरी ने कहा कि लंबे समय से राजनीतिक नियुक्तियों के फैसले नहीं हो पा रहे है। बीजेपी में राजनीतिक नीतियों के लिए बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होता है। मध्य प्रदेश सरकार और कार्यकर्ताओं के बीच RSS का टोल टैक्स है। भारी चुंगी कर चुकाने के बाद पद मिलते हैं।

बीजेपी बोली- कांग्रेस में पद खरीदने-बेचने की पुरानी परंपरा

बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कहा कि भाजपा कैडर बेस राजनीतिक दल है। कार्यकर्ताओं के मूल्यांकन के आधार पर दायित्व तय होते हैं। जल्द ही मध्य प्रदेश में निगम प्राधिकरण मंडलों में राजनीतिक नियुक्तियां होगी। बीजेपी में राजनीतिक नियुक्तियां और राजनीति का उद्देश्य सिर्फ जनसेवा है।

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