राजधानी दिल्ली में एक बेहद गंभीर मामले में पुलिस ने मिजोरम कैडर के IPS अधिकारी के खिलाफ FIR दर्ज की है। यह मामला 2023 का है, जब अधिकारी ने दिल्ली में बिना किसी अनुमति के फर्जी छापेमारी कराई और एक विदेशी नागरिक को अवैध तरीके से हिरासत में रखा। विजिलेंस जांच में सामने आया कि अधिकारी ने न केवल नियमों की धज्जियां उड़ाईं, बल्कि हिरासत के दौरान कोई कानूनी प्रक्रिया अपनाए बिना विदेशी नागरिक को रोका। इसके अलावा, जब्त सामग्री का कोई रिकॉर्ड नहीं बनाया गया और हिरासत स्थल वैध नहीं था।

छुट्टी पर थे साहब, फिर भी बन गए ‘सिंघम’

दिल्ली में एक बेहद गंभीर मामले में पुलिस ने IPS अधिकारी शंकर चौधरी के खिलाफ FIR दर्ज की है। चौधरी उस वक्त मिजोरम में एसपी नारकोटिक्स थे और छुट्टी पर दिल्ली आए थे। रिपोर्ट के मुताबिक उनकी छुट्टी 20 नवंबर 2023 को खत्म हो चुकी थी, इसके बावजूद उन्होंने दिल्ली पुलिस मुख्यालय या मिजोरम सरकार को सूचित किए बिना 21 से 29 नवंबर 2023 के बीच डाबरी-बिंदापुर इलाके में छापेमारी की।

विजिलेंस जांच में सामने आया कि अधिकारी ने न केवल नियमों की धज्जियां उड़ाईं, बल्कि हिरासत के दौरान कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया। इस दौरान एक विदेशी नागरिक को अवैध तरीके से हिरासत में रखा गया, जबकि हिरासत स्थल वैध नहीं था और जब्त सामग्री का कोई रिकॉर्ड नहीं बनाया गया। चौधरी 2011 बैच के IPS अधिकारी हैं और पहले Dwarka DCP और मिजोरम में SP रह चुके हैं। FIR 5 फरवरी 2026 को दिल्ली पुलिस के विजिलेंस यूनिट में दर्ज की गई।

FIR में अधिकारी के खिलाफ कई धाराएँ शामिल हैं, जिनमें धारा 166 (सरकारी अधिकारी द्वारा कानून का उल्लंघन), धारा 341 और 342 (अवैध रोक-हिरासत), और धारा 409 (सरकारी विश्वास का दुरुपयोग) शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि जांच में CCTV फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और 13 से अधिक पुलिस कर्मियों के बयान शामिल हैं। मामला अभी जांचाधीन है और अधिकारी की जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया जारी है।

रात 3:30 बजे घर में घुसे, लॉकर और बैग लेकर गायब

दिल्ली पुलिस ने IPS अधिकारी शंकर चौधरी के खिलाफ FIR दर्ज की है। चौधरी उस समय मिजोरम में एसपी नारकोटिक्स थे और छुट्टी पर दिल्ली आए थे। FIR और विजिलेंस जांच में सामने आया कि 26 नवंबर 2023 की रात 3:34 बजे चौधरी एक नाइजीरियाई नागरिक के घर में घुसे। करीब दो घंटे बाद, सुबह 5:40 बजे, वे वहां से एक लॉकर और दो बैग लेकर निकले। हैरानी की बात यह है कि इस दौरान न कोई सीज़र मेमो बनाया गया, न ही जब्त सामान की कोई लिस्ट तैयार की गई, और यह सामान कभी सरकारी मालखाने में जमा भी नहीं कराया गया। जांच में यह सामने आया कि अधिकारी ने कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया और हिरासत तथा जब्ती में नियमों की गंभीर उलंघना की।

मिजोरम हाउस को बना दिया ‘जेल’

अधिकारियों का आरोप है कि रेड के बाद नाइजीरियाई नागरिक को वसंत विहार स्थित मिजोरम हाउस ले जाया गया और वहाँ 3 दिनों तक अवैध रूप से कैद करके रखा गया। न तो उसकी गिरफ्तारी दिखाई गई, न ही उसे 24 घंटे के भीतर कोर्ट में पेश किया गया, जो कि संविधान के अनुच्छेद 22(2) का सीधा उल्लंघन है।

अब अफसर पर हो गया मुकदमा

विजिलेंस जांच में सामने आया कि 29 नवंबर 2023 को पुलिस को एक PCR कॉल मिली, जिसमें चौधरी और मिजोरम पुलिस द्वारा वसूली की बात सामने आई। कॉल के तुरंत बाद संदिग्ध को उसी रात छोड़ दिया गया, जिससे मामले में संदिग्ध परिस्थितियों का शक गहरा गया। दिल्ली पुलिस ने शंकर चौधरी के खिलाफ IPC की धारा 166 (कानून का उल्लंघण), 341-342 (बंधक बनाना) और 409 (अमानत में खयानत) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इसके अलावा, इस रेड में चौधरी का साथ देने वाले निचले अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई है।

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