कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। जिला कोर्ट ने रिश्वत मामले से जुड़ी खात्मा रिपोर्ट को खारिज करते हुए नाराजगी जाहिर की है। कोर्ट ने EOW को फिर से जांच करने के निर्देश दिए है। कोर्ट ने अपने आदेश में लिखा है कि “पेश किए गए तथ्यों के अवलोकन से स्पष्ट है कि अधूरा अनुसंधान कर खात्मा रिपोर्ट पेश कर दी गई। जिसे इस स्टेज पर विचार नहीं किया जा सकता। ऐसे में मूल प्रकरण, दस्तावेजों के साथ एसपी को वापस भेजा जाता है। ताकि वह प्रकरण में की गई शिकायत के आधार पर अतिरिक्त अनुसंधान करें”।
15 हजार रुपए रिश्वत लेते पकड़ाया था
दरअसल अनूप सिंह यादव को नगर निगम में पार्कों के संधारण का ठेका मिला था। कुल 6 लाख 71 हजार रुपये के बिल भुगतान के लिए उसने उपयंत्री वर्षा मिश्रा से संपर्क किया। ईओडब्ल्यू में की गई शिकायत में वर्षा मिश्रा पर बिल भुगतान के एवज में 10 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप लगाया। इसके संबंध में 10 फरवरी 2023 को ट्रैप की कार्यवाही की गई। जिसमें वर्षा मिश्रा को 15 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। इसके बाद उसे पुलिस थाना विश्वविद्यालय ले जाया गया।ईओडब्ल्यू की ओर से बताया गया कि अनूप यादव मूल ठेकेदार नहीं है।
गहराई से जांच किए बिना खात्मा रिपोर्ट प्रस्तुत
ठेकेदार सुरेश सिंह यादव ने फरियादी अनूप सिंह से कोई संबंध नहीं होने का शपथ पत्र दिया है। इस तथ्य को खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि इस मामले की गहराई से जांच किए बिना खात्मा रिपोर्ट प्रस्तुत कर दिया गया। फरियादी अनूप सिंह ने न्यायालय में और साक्ष्य पेश किए,जिसे ईओडब्ल्यू को जांच में लेना चाहिए था। ऐसे में EOW द्वारा पेश की गई खात्मा रिपोर्ट को कोर्ट द्वारा खारिज किया गया, साथ ही फिर से जांच करने के आदेश दिए है।

