वीरेंद्र कुमार/नालंदा। जिले के जिलाधिकारी (DM) ने बिहार शरीफ मॉडल अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी हकीकत का जायजा लिया। इस औचक कार्रवाई को प्रशासनिक ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य अस्पताल की कार्यप्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और मरीज-हितैषी बनाना है।
व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण और निर्देश
निरीक्षण के दौरान DM ने OT (ऑपरेशन थिएटर), इमरजेंसी, लेबर वार्ड और OPD समेत सभी प्रमुख विभागों की बारीकी से जांच की। उन्होंने वहां मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों की कार्यशैली की सराहना की, लेकिन साथ ही कड़े निर्देश दिए कि मरीजों को इलाज के दौरान किसी भी प्रकार की देरी या संवेदनहीनता का सामना न करना पड़े।
मरीजों से सीधा संवाद
DM ने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। उनकी समस्याओं को सुनने के बाद जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
AI कैमरों से होगी निगरानी और डिजिटल पारदर्शिता
अस्पताल की सुरक्षा को आधुनिक बनाने के लिए DM ने परिसर में AI-आधारित (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, ‘मुख्यमंत्री सात निश्चय-3’ के तहत ‘जीवन आसान कार्यक्रम’ के जरिए नई पहल की गई है। अब अस्पताल की LCD स्क्रीन पर डॉक्टरों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध होगी, ताकि मरीजों को भटकना न पड़े।
नई सुविधाओं का आगाज
हड्डियों के इलाज (ऑर्थोपेडिक) को और बेहतर बनाने के लिए अस्पताल में CMR मशीन की सेवा शुरू की गई है। इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. जयप्रकाश सिंह और DS राजीव रंजन भी उपस्थित रहे। डीएम के इस कड़े रुख और आधुनिक सोच से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में एक नई ऊर्जा और पारदर्शिता आने की उम्मीद है।
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