दुर्ग, मनेंद्र पटेल। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU), भिलाई में पीएचडी शोधार्थियों से निर्धारित शुल्क के नाम पर धोखाधड़ी और जालसाजी का बड़ा मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की शिकायत पर नेवई थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी कर्मचारी सुनील कुमार प्रसाद को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

बता दें कि विश्वविद्यालय स्तर पर गठित दो सदस्यीय जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट में कुल 9 लाख 44 हजार 500 रुपये के गबन की पुष्टि हुई है। जांच में सामने आया कि आरोपी विश्वविद्यालय की पीएचडी शाखा में पदस्थ कनिष्ठ सलाहकार था और एचएससीएल कॉलोनी का निवासी है।
नकद लेकर दी जाती थीं फर्जी रसीदें

पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी सुनील कुमार प्रसाद पीएचडी शोधार्थियों से नकद राशि लेकर उन्हें फर्जी फीस रसीदें जारी करता था। शोधार्थियों को यह विश्वास दिलाया जाता था कि उनकी फीस विश्वविद्यालय के खाते में जमा हो गई है, जबकि वास्तविकता में राशि का गबन कर लिया जाता था।
शिकायत के बाद दर्ज हुआ अपराध

मामले की जानकारी मिलने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने नेवई थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 316(2), 336(3), 338 और 340(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की।
पूछताछ में खुलासा, दस्तावेज जब्त
विवेचना के दौरान आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की गई, जिसमें धोखाधड़ी की पूरी प्रक्रिया का खुलासा हुआ। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से फर्जी दस्तावेज, रसीदें और पर्चियां जब्त की हैं, जो गबन की पुष्टि करती हैं
न्यायालय में पेश, जेल भेजा गया

अपराध प्रमाणित पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है और यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो आगे कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला विश्वविद्यालयों में प्रशासनिक पारदर्शिता और वित्तीय निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रशासन ने भी भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रक्रियाओं को सख्त और ऑनलाइन करने के संकेत दिए हैं।
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