न्यामुद्दीन अली, अनूपपुर। मध्य प्रदेश के अनूपपुर में मासूमों की सेहत से खिलवाड़ करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां स्कूल में बहते नाले के पानी से बच्चों का भोजन पकाया जा रहा है। लेकिन सरकारी तंत्र इस मामले में अपने आप को व्यवस्थाओं से बंधे बता रहा है और खुद की जिम्मेदारी दूसरों के सर पर मढ़ते अधिकारी बखूबी नजर आ रहे हैं। इंदौर की घटना सामने के आने के बाद भी जिले में भी अधिकारियों ने सबक नहीं लिया।
कोतमा जनपद पंचायत के बैगाडबरा गांव में प्राथमिक विद्यालय है। यहां पर आम स्कूलों की तरह बच्चों को दोपहर में मध्यान भोजन परोसा जाता है। भवन तो नया दिख रहा है, लेकिन जिस भोजन को पकाने के लिए पानी का उपयोग किया जा रहा है वह स्कूल से कुछ दूर बह रहे बरसाती नाले का है। इस मामले में जब विभाग के अधिकारियों से इस मामले में बात की गई तो उनका कहना था कि पानी की व्यवस्था लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जिम्मे है।

बैगाडबरा प्राथमिक स्कूल में मध्यान्ह भोजन बनाने वाली रसोईया ने बताया कि गंदे पानी में भोजन पकाया जा रहा है। यह पानी का उपयोग भोजन के अलावा पीने के लिए भी स्कूल के बच्चे और वह खुद करती हैं। गांव के लोग भी इसी नाले से पानी लेते हैं। स्कूल से कुछ ही दूरी पर एक हैंडपंप मौजूद है, लेकिन उसका पानी नाले से भी गंदा है। जिसके चलते मजबूरन में उन्हें इस नाले के पानी का उपयोग भोजन पकाने और पीने के लिए करना पड़ता है। कई बार तो इस नाले के पानी पीने से बीमार तक पड़ चुके है। अधिकारी आते हैं और हर बार लिखा पढ़ी करके चले जाते हैं। भवन नया जरूर है मगर व्यवस्था आज भी दम तोड़ नजर आ रही है।

वहीं इस पूरे मामले जिला शिक्षा केन्द्र के एसडीओ प्रदीप पांडेय की माने तो विद्यालय अभी नया है धीरे धीरे आधार भूत सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। लेकिन मूलभूत सुविधा के लिए कोई प्रयास नही हो रहा है तभी तो बच्चों को नाले के पानी से भोजन पकाया जा रहा है। वहीं इस मामले में जब प्रभारी अधिकारी संतोष मिश्रा क़ो अवगत कराया गया तो उनको इस मामले की जानकारी पहले से नहीं है। उन्होंने इंजीनियर से बात कर व्यवस्था ठीक करने की बात कही।

