Jaipur Cyber Fraud: सीनियर सिटीजन कार्ड के फायदे बताकर साइबर ठगों ने एक बुजुर्ग को अपने जाल में फंसा लिया। खुद को एयू स्मॉल बैंक का कर्मचारी बताने वाले ठग ने वॉट्सऐप पर एक फाइल भेजी और कार्ड बनवाने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए उस पर क्लिक करने को कहा। बुजुर्ग के फाइल खोलते ही खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 23 लाख 20 हजार 200 रुपए निकल गए। खास बात यह रही कि रकम निकलने के दौरान पीड़ित के मोबाइल पर कोई OTP नहीं आया।

पुलिस के अनुसार देवी चिरंजीवी कॉलोनी निवासी सुनीश गोयल (56) ने महेश नगर थाने में साइबर फ्रॉड की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बैंक ट्रांजेक्शन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ठगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

बैंक कर्मचारी बनकर किया फोन

शिकायत के अनुसार 13 अगस्त को सुनीश गोयल के पिता जगदीश प्रसाद के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को एयू स्मॉल बैंक का कर्मचारी बताया। ठग ने बुजुर्ग को सीनियर सिटीजन कार्ड के बारे में जानकारी दी और इसके फायदे बताए। इसके बाद कार्ड बनवाने की प्रक्रिया के नाम पर उन्हें बातचीत में उलझाया गया।

वॉट्सऐप पर भेजी फाइल, क्लिक करते ही शुरू हुआ खेल

ठग ने कार्ड बनवाने के लिए वॉट्सऐप पर एक फाइल भेजी। बुजुर्ग से फाइल खोलकर आगे की प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा गया। शिकायत के मुताबिक बुजुर्ग ने वॉट्सऐप पर भेजी गई BIS फाइल पर क्लिक कर दिया। इसके कुछ देर बाद ही उनके एयू स्मॉल बैंक खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन होने लगे। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन ट्रांजेक्शन के दौरान पीड़ित के मोबाइल पर कोई OTP नहीं आया।

लगातार मैसेज आए तो परिजनों को पता चला

खाते से रकम निकलने के बाद मोबाइल पर लगातार ट्रांजेक्शन के मैसेज आने लगे। इन्हें देखने के बाद परिजनों को बैंक खाते में हुई सेंध का पता चला। जांच में सामने आया कि कुछ ही समय में खाते से कुल 23,20,200 रुपए निकाल लिए गए। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी और महेश नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई।

बैंक ट्रांजेक्शन और मोबाइल नंबरों की जांच

महेश नगर थाना पुलिस अब बैंक खाते से हुए सभी ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटा रही है। रकम किन खातों में ट्रांसफर हुई, ठगी में कौन से मोबाइल नंबर इस्तेमाल हुए और किस डिजिटल माध्यम से वारदात को अंजाम दिया गया, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर साइबर ठगों की पहचान और उन तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

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