बिलासपुर। कुछ ही दिनों में हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल की बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली है। इस अवसर पर एसएसपी रजनेश सिंह ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और समाज से अपील करते हुए कहा कि परीक्षा के समय बच्चों को डराने के बजाय समझ के साथ पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया जाए। रटने से ज्यादा जरूरी है विषय को समझना और शांत मन से नियमित अभ्यास करना।


एसएसपी रजनेश सिंह ने विद्यार्थियों से कहा कि परीक्षा जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव जरूर है, लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है। अनुशासन और मेहनत ही सफलता की कुंजी है। मेहनत कभी बेकार नहीं जाती। अगर छात्र शांत मन से नियमित अभ्यास करेंगे और अपने लक्ष्य पर फोकस बनाए रखेंगे तो सफलता निश्चित रूप से मिलेगी। उन्होंने कहा कि आज के समय में लगभग हर छात्र मोबाइल फोन और इंटरनेट मीडिया का उपयोग करता है। यह ज्ञान बढ़ाने का माध्यम भी है, लेकिन परीक्षा के दौरान इसका गलत उपयोग पढ़ाई से ध्यान भटका सकता है। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे इस समय अपनी एकाग्रता भंग न होने दें और अपना पूरा ध्यान पढ़ाई पर केंद्रित रखें। सोशल मीडिया, रील्स और अनावश्यक आनलाइन गतिविधियों से दूरी बनाना ही बेहतर परिणाम देगा।
अभिभावकों से भी की अपील
एसएसपी रजनेश सिंह ने अभिभावकों से भी विशेष अपील की। उन्होंने कहा कि हर बच्चे की क्षमता, आइक्यू और प्राकृतिक समझ अलग-अलग होती है। बच्चों की तुलना दूसरों से करना या उन पर जरूरत से ज्यादा दबाव डालना उचित नहीं है। माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों की क्षमता को समझें, उनका मनोबल बढ़ाएं और सहयोगात्मक वातावरण दें। सही मार्गदर्शन और विश्वास से ही बच्चे बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों पर अनावश्यक प्रेशर डालने से वे मानसिक तनाव में आ सकते हैं, जिसका असर परीक्षा परिणाम पर भी पड़ता है। इसलिए अभिभावक बच्चों के साथ संवाद बनाए रखें और उन्हें आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने के लिए प्रेरित करें।
शोरगुल से दूर रखें परीक्षा का माहौल
एसएसपी ने समाज और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से भी सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान होटल, रिसार्ट और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अनावश्यक शोरगुल न किया जाए। तेज आवाज में लाउडस्पीकर या डीजे न बजाए जाएं, जिससे आसपास रहने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई में बाधा न पहुंचे। उन्होंने कहा कि परीक्षा बच्चों के जीवन का एक महत्वपूर्ण आयाम है। समाज की जिम्मेदारी बनती है कि परीक्षा के दौरान शांत वातावरण बनाए रखा जाए। यदि आसपास शोरगुल होगा तो बच्चों की एकाग्रता भंग होगी, जिससे उनकी मेहनत प्रभावित हो सकती है।
असफलता से घबराने की जरूरत नहीं
एसएसपी रजनेश सिंह ने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि किसी भी छोटी असफलता से परेशान नहीं होना चाहिए। असफलता हमें जीवन में आगे बढ़ने की ताकत देती है। इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करें। यही समय होता है जब हम अपनी काबिलियत और क्षमता को पहचानने का अवसर पाते हैं। उन्होंने कहा कि सफलता और असफलता जीवन का हिस्सा हैं। महत्वपूर्ण यह है कि हम उनसे क्या सीखते हैं। मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने वाला छात्र ही जीवन में सफल होता है।
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