गया। तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि मंगलवार को सपरिवार बिहार के गयाजी पहुंचे, जहां उन्होंने मोक्षदायिनी फल्गु नदी के तट पर अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान और तर्पण किया। इस धार्मिक अनुष्ठान में उनके साथ उनकी पत्नी और पुत्री भी शामिल रहीं। तीर्थ पुरोहित राहुल पंडा ने पूरे विधि-विधान के साथ इस पूजन प्रक्रिया को संपन्न कराया।

​तीन प्रमुख वेदियों पर किया तर्पण

​एक दिवसीय पिंडदान परंपरा का निर्वहन करते हुए राज्यपाल ने गयाजी की तीन सबसे महत्वपूर्ण वेदियों— फल्गु नदी, विष्णुपद मंदिर और अक्षयवट—पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। शास्त्रों में इन तीनों स्थलों को पितरों की मुक्ति के लिए सर्वोत्तम माना गया है। राज्यपाल ने यहां अपने पूर्वजों की वैकुंठ प्राप्ति की कामना की।

पिता, ससुर और नाना कुल को दी तिलांजलि

​विष्णुपद मंदिर प्रबंधकारिणी समिति के अनुसार, राज्यपाल ने एक साथ तीन कुलों (पिता कुल, ससुर कुल और नाना कुल) के निमित्त पिंडदान किया। अनुष्ठान के दौरान पूरा परिवार पूरी तरह वैदिक परंपराओं में लीन दिखा। इस विशिष्ट आयोजन को देखते हुए मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और आम लोगों व मीडिया की आवाजाही को सीमित रखा गया था।

​महाबोधि मंदिर में टेका मत्था

​पिंडदान से पूर्व, सोमवार को राज्यपाल ने बोधगया स्थित विश्व प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर के दर्शन किए थे। उन्होंने मंदिर के गर्भगृह में भगवान बुद्ध को नमन किया और उस पवित्र बोधि वृक्ष की छांव में समय बिताया, जहां बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था। वहां मौजूद बौद्ध भिक्षुओं ने मंत्रोच्चार के माध्यम से उनके परिवार के कल्याण के लिए विशेष प्रार्थना की।