चंडीगढ़। आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आए शिरोमणि अकाली दल के कद्दावर नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है। मजीठिया ने बिखरे हुए अकाली धड़ों को एकजुट करने के लिए ‘नंगे पांव’ चलकर भी विरोधी नेताओं को मनाने का ऐलान किया है।

मीडिया से मुखातिब होते हुए मजीठिया ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल और शिरोमणि अकाली दल (पुनर्जीवित) को एक मंच पर लाना समय की मांग है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, पार्टी और पंजाब के हितों के लिए अगर मुझे दूसरे गुट के नेताओं के पास नंगे पांव भी जाना पड़ा, तो मैं संकोच नहीं करूंगा।

मजीठिया ने यह भी खुलासा किया कि जेल में मुलाकात के दौरान सुखबीर सिंह बादल ने भी उन्हें एकता की इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए हरी झंडी दी है।

आप का तंज : पहले जीजा-साला तो एक हों

मजीठिया के इस बयान पर सत्ताधारी आम आदमी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ‘आप’ सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने मजीठिया की मंशा पर सवाल उठाते हुए तंज कसा कि पार्टी जोड़ने की बात करने वाले जीजा-साला (सुखबीर बादल और मजीठिया) पहले खुद तो पूरी तरह एक होकर दिखाएं।