कुंदन कुमार/ पटना। बिहार विधानमंडल के बजट सत्र का छठा दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध और सत्तापक्ष-विपक्ष के बीच व्यक्तिगत छींटाकशी के कारण सदन की कार्यवाही काफी तनावपूर्ण रही।

महिला अपराध पर भारी हंगामा

​विधानसभा में विपक्षी सदस्यों ने राज्य में बढ़ते बलात्कार और हत्या के मामलों को लेकर सरकार को घेरा। राजद विधायक चंद्रशेखर ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सरकार पुराने आंकड़ों की आड़ में अपनी विफलता नहीं छुपा सकती। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में अपराध की दर पिछले रिकॉर्ड से चार गुना बढ़ चुकी है। विपक्ष ने कार्य स्थगन प्रस्ताव पेश कर मांग की कि सदन में अन्य सभी कार्यों को रोककर केवल महिला सुरक्षा पर चर्चा हो।

​परिषद से विपक्षी सदस्यों का निष्कासन

​बिहार विधान परिषद में स्थिति तब अनियंत्रित हो गई जब राजद सदस्य वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। सभापति ने कड़ा फैसला लेते हुए हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों को पूरे दिन के लिए सदन से निष्कासित कर दिया और मार्शलों की मदद से उन्हें बाहर निकलवाया गया।

​निजी हमले और नारेबाजी

​सदन के भीतर जदयू के अशोक चौधरी और राजद के सुनील सिंह के बीच तीखी नोकझोंक हुई। “तुम क्या हो” जैसी व्यक्तिगत टिप्पणियों ने माहौल को और गरमा दिया। वहीं, विधानसभा में ‘भारत माता की जय’ के नारों के बीच विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया।

​सरकार का पलटवार

​संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने विपक्ष के आचरण पर चुटकी लेते हुए कहा कि विपक्षी विधायक खुद उलझन में हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार हर सवाल का जवाब देने को तैयार है, बशर्ते मुद्दे नियमावली के तहत उठाए जाएं।