कुंदन कुमार/ पटना। बिहार विधानमंडल के बजट सत्र का छठा दिन भी भारी हंगामे और राजनीतिक कड़वाहट की भेंट चढ़ गया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू किया, लेकिन मामला जल्द ही व्यक्तिगत टिप्पणियों और निलंबन तक पहुंच गया। हंगामे को देखते हुए सभापति ने विपक्षी सदस्यों को पूरे दिन के लिए सदन से निलंबित कर दिया।

​राजद का आरोप

​निलंबन के बाद राजद पार्षद कारी सोहेब ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सदन में विपक्षी सदस्यों को अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया जा रहा है। सोहेब के अनुसार, विपक्षी दल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के खिलाफ इस्तेमाल किए गए शब्दों पर खेद प्रकट करने की मांग कर रहे थे, लेकिन सत्तापक्ष ने चर्चा बाधित की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंत्री अशोक चौधरी ने विपक्षी सदस्यों पर अमर्यादित टिप्पणी की है, जो लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ है।

‘देवर-भौजाई’ की टिप्पणी और पुराना विवाद

​सदन के बाहर भी जुबानी जंग तेज रही। सोमवार को नीतीश कुमार द्वारा राबड़ी देवी को ‘लड़की’ कहने पर मचे बवाल के बीच पूर्व मंत्री श्याम रजक ने चुटकी ली। उन्होंने इस पूरे विवाद को ‘देवर-भौजाई’ का मामला करार देते हुए कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है और वे केवल सुर्खियों के लिए शोर मचा रहे हैं।
​बता दें कि सोमवार को सदन में तीखी झड़प हुई थी, जिसमें राबड़ी देवी ने मुख्यमंत्री को ‘होश में आने’ और ‘इस्तीफा देने’ तक की नसीहत दे डाली थी। मंगलवार को इसी मुद्दे ने तूल पकड़ा, जिसके परिणामस्वरूप विपक्ष का निलंबन और सदन में गतिरोध देखने को मिला।