विकास कुमार/​सहरसा। बिहार की शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला एक ताजा मामला सहरसा जिले के नौहट्टा प्रखंड से सामने आया है। यहां के उर्दू प्राथमिक विद्यालय, महुआ में शिक्षकों की भारी लापरवाही का खुलासा हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने विभाग की पोल खोल कर रख दी है, जिसमें स्कूल समय के दौरान शिक्षक चटाई बिछाकर मोबाइल देखते और सोते नजर आ रहे हैं।

​समय से पहले छुट्टी, शिक्षक नदारद

​हैरानी की बात यह है कि विद्यालय में कुल छह शिक्षक नियुक्त हैं, लेकिन जांच के समय मौके पर केवल दो ही मौजूद मिले। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रधानाध्यापक की मनमानी के कारण प्रतिदिन दो बजे ही बच्चों की छुट्टी कर दी जाती है, जबकि सरकारी नियमानुसार स्कूल का समय शेष रहता है। आउट एरिया का फायदा उठाकर शिक्षक अपनी ड्यूटी से खिलवाड़ कर रहे हैं।

​मर्ज किए गए विद्यालय की स्थिति और भी बदतर

​महुआ विद्यालय के साथ मर्ज किए गए नवसृजित प्राथमिक विद्यालय, शाहपुर चाही का हाल तो और भी बुरा मिला। निरीक्षण के दौरान वहां न तो एक भी शिक्षक मौजूद था और न ही कोई छात्र। पूरा परिसर सूना पड़ा था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यहां शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है।

​भविष्य पर गहराता संकट

​ग्रामीणों में इस लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि शिक्षकों के इस रवैये से गरीब बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। वायरल वीडियो ने अब शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।