आज की लाइफस्टाइल में छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी बीमारी का कारण बन रही है और ऐसे में लोग फिर से प्राकृतिक चीज़ों की तरफ लौट रहे हैं। कलौंजी इसी कड़ी में एक पुराना लेकिन भरोसेमंद नाम है। कलौंजी न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाती है, बल्कि सेहत के लिए काफी फायदेमंद होती है। कलौंजी न सिर्फ ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मदद कर सकती है, बल्कि सूजन कम करके जोड़ों के दर्द में भी राहत दे सकती है। आइए जानते हैं इसके फायदे, इस्तेमाल और सावधानियां।
कलौंजी क्या है?
कलौंजी छोटे काले बीज होते हैं, जिन्हें भारतीय रसोई में मसाले के तौर पर और आयुर्वेद में औषधि की तरह इस्तेमाल किया जाता रहा है। इनमें थायमोक्विनोन जैसे एक्टिव कंपाउंड पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं।

कलौंजी के प्रमुख फायदे
ब्लड शुगर कंट्रोल में मददगार
कलौंजी शरीर की इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर कर सकती है।नियमित और सीमित मात्रा में सेवन से ब्लड शुगर लेवल संतुलित रखने में मदद मिल सकती है।डायबिटीज़ के मरीजों के लिए सपोर्टिव रोल निभा सकती है।
जोड़ों के दर्द और सूजन में राहत
कलौंजी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं।आर्थराइटिस या घुटनों के दर्द में सूजन कम करने में मदद कर सकती है।कलौंजी का तेल बाहरी रूप से मालिश में भी इस्तेमाल किया जाता है।
इम्यूनिटी को मजबूत बनाती है
शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक।बदलते मौसम में सर्दी-खांसी से बचाव में मदद।
पाचन और गैस की समस्या में लाभ
अपच, गैस और पेट फूलने की समस्या में राहत देती है ।
मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट करती है।
दिल की सेहत के लिए अच्छी
कोलेस्ट्रॉल लेवल को संतुलित रखने में मदद करता है।
हार्ट हेल्थ को सपोर्ट करती है।
कलौंजी कैसे सेवन करें?
1-रोज सुबह ½ से 1 चम्मच कलौंजी गुनगुने पानी या शहद के साथ
2-सब्ज़ी, दाल या सलाद में मिलाकर
3-कलौंजी का तेल (डॉक्टर की सलाह से)
किन लोगों को कलौंजी नहीं लेनी चाहिए?
1-गर्भवती महिलाएं
2-लो ब्लड शुगर की समस्या वाले लोग
3-ब्लड थिनर दवाएं लेने वाले
4-किसी भी सर्जरी से पहले (कम से कम 2 हफ्ते पहले बंद करें)
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