पटना। मंगलवार शाम पटना जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या 9 पर उस समय युद्ध जैसी स्थिति बन गई, जब पटना-सिंगरौली (पलामू) एक्सप्रेस में चढ़ने को लेकर यात्रियों ने भारी हंगामा किया। गया रूट पर ‘मेगा ब्लॉक’ के कारण कई ट्रेनें रद्द थीं, जिससे सारा दबाव इसी ट्रेन पर आ गया। क्षमता से अधिक भीड़ होने के कारण जब सैकड़ों यात्री डिब्बों में नहीं घुस पाए, तो उनका गुस्सा फूट पड़ा।
रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन और तनाव
नाराज यात्री ट्रेन के सामने रेलवे ट्रैक पर उतर आए और नारेबाजी शुरू कर दी। इस विरोध प्रदर्शन के कारण ट्रेन का परिचालन पूरी तरह ठप हो गया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ को मोर्चा संभालना पड़ा। शुरुआत में समझाने-बुझाने की कोशिश की गई, लेकिन प्रदर्शनकारी हटने को तैयार नहीं थे।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारियां
हालात बेकाबू होते देख रेल पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर ट्रैक खाली कराया। इस मामले में कार्रवाई करते हुए 24 से अधिक उपद्रवी यात्रियों को हिरासत में लिया गया है। रेलवे अधिनियम के तहत उन पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। रेल प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था को अब और कड़ा कर दिया गया है।
यात्रियों की परेशानी और देरी
इस हंगामे की वजह से पलामू एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से करीब 45 मिनट की देरी से रात 7:56 बजे रवाना हो सकी। सबसे बुरा हाल उन यात्रियों का था जिनके पास आरक्षित टिकट थे, क्योंकि जनरल भीड़ ने रिजर्व्ड कोचों पर भी कब्जा कर लिया था। यात्रियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने मेगा ब्लॉक के मद्देनजर अतिरिक्त भीड़ प्रबंधन के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए थे।
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