समस्तीपुर। जिले के विद्यापतिनगर थाना क्षेत्र के शेरपुर गांव में सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां दरभंगा में पदस्थापित सहायक जेल अधीक्षक (डिप्टी जेलर) नंदू चौधरी की पत्नी श्वेता कुमारी का शव घर में फंदे से लटका मिला। घटना के बाद से ही ससुराल पक्ष के सभी लोग फरार हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की सघन जांच शुरू कर दी है।

​फॉर्च्यूनर और 10 लाख की मांग

​मृतका के भाई शशिभूषण चौधरी ने आरोप लगाया है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि सोची-समझी हत्या है। परिजनों के अनुसार, मई 2023 में हुई शादी में कार और अन्य कीमती सामान दिए गए थे, लेकिन ससुराल वाले संतुष्ट नहीं थे। वे लगातार डीजल वाली महंगी गाड़ी (फॉर्च्यूनर) और 10 लाख रुपये की अतिरिक्त डिमांड कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर श्वेता को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।

​तीन दिन से रखा था भूखा

​भाई का आरोप है कि उसकी बहन को पिछले तीन दिनों से खाना तक नहीं दिया गया था। 20 दिन पहले भी मारपीट की गई थी, जिसके बाद पंचायत बैठी थी। तब सास-ससुर ने माफी मांगकर मामले को शांत कराया था, लेकिन अब उन्होंने श्वेता की जान ले ली। आरोप है कि हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को फंदे से लटका दिया गया ताकि यह आत्महत्या लगे।

​आरोपी जेलर फरार, जांच में जुटी पुलिस

​दरभंगा जेल अधीक्षक के अनुसार, आरोपी डिप्टी जेलर नंदू चौधरी 11 फरवरी को बेटी की बीमारी का बहाना बनाकर 11 दिन की छुट्टी पर गया था, जिसके बाद से उसका फोन बंद है। पुलिस ने भाई के आवेदन पर पति, सास-ससुर और देवर के खिलाफ दहेज हत्या की FIR दर्ज कर ली है। घटनास्थल पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए हैं।