Rajasthan News: राजस्थान बजट 2026-27 में कामकाजी महिलाओं के लिए अहम घोषणा की गई है। राज्य सरकार ने सरकारी दफ्तरों में बच्चों की देखभाल की व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री शिशु-वात्सल्य सदन शुरू करने का फैसला लिया है। वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बजट भाषण के दौरान इसकी जानकारी दी।

सरकार का कहना है कि मातृत्व के बाद कई महिलाएं बच्चों की देखभाल की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण नौकरी छोड़ने को मजबूर हो जाती हैं या काम प्रभावित होता है। इसी समस्या को देखते हुए सरकारी कार्यालयों में चरणबद्ध तरीके से ये सदन खोले जाएंगे। यहां 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों की देखभाल की व्यवस्था रहेगी। पहले चरण में बड़े विभागों और कलेक्ट्रेट जैसे कार्यालयों को प्राथमिकता दी जाएगी।
इस व्यवस्था से महिलाओं को काम के दौरान अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता कम होगी और वे नौकरी पर ध्यान दे सकेंगी। अधिकारियों के अनुसार कार्यालय परिसर में ही देखरेख होने से महिलाओं की कार्यक्षमता पर भी सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।
बजट में महिलाओं से जुड़े अन्य प्रावधान भी किए गए हैं। ‘लखपति दीदी’ ऋण योजना की सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये की गई है, जबकि महिला स्वयं सहायता समूहों के ऋण की सीमा 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये करने की घोषणा की गई है। सरकार का दावा है कि इन फैसलों से महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।
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