आशुतोष तिवारी, जगदलपुर। भूमकाल स्मृति दिवस की रैली में नक्सली कमांडर हिडमा को लेकर विवादित गाना बजने के बाद उठे सियासी और सामाजिक सवालों के बीच अब सर्व आदिवासी समाज ने पूरे मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट की है. समाज ने साफ किया है कि रैली के दौरान किसी भी माओवादी नेता को महिमामंडित करने की न तो कोई मंशा थी, और न ही कोई पूर्व नियोजित प्रयास.
सर्व आदिवासी समाज के संभागीय अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर ने कहा कि कार्यक्रम और रैली के दौरान आदिवासी समाज से जुड़े पारंपरिक गीत इंटरनेट के माध्यम से चलाए जा रहे थे. इसी क्रम में फ्लो के दौरान एक विवादित गाना अनजाने में बज गया, जिसे लेकर अब गलत अर्थ निकाले जा रहे हैं. समाज का कहना है कि यह एक तकनीकी और मानवीय चूक थी, न कि किसी विचारधारा का समर्थन.

घटना के दो दिन बाद समाज ने सार्वजनिक रूप से यह भी कहा कि इस गलती को लेकर उन्हें खेद है, और वे किसी भी तरह के विवाद या भ्रम को आगे बढ़ाना नहीं चाहते. साथ ही सर्व आदिवासी समाज ने यह भी स्पष्ट किया कि नक्सल उन्मूलन को लेकर सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियानों के साथ समाज खड़ा है, और हिंसा की किसी भी प्रवृत्ति का समर्थन नहीं करता.
गौरतलब है कि 10 फरवरी को जगदलपुर के धरमपुरा स्थित पीजी कॉलेज मैदान में सर्व आदिवासी समाज और सर्व मूल निवासी समाज के तत्वाधान में भूमकाल स्मृति दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया था. कार्यक्रम के बाद शहर में निकाली गई रैली के दौरान ही विवादित गाना बजा, जिसे लेकर अब समाज ने पूरी तरह अपनी स्थिति साफ कर दी है.
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