जगदलपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के सुपोषित छत्तीसगढ़ अभियान को सशक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन जगदलपुर जंग लड़ने जा रहा है. कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देशन जिले में वजन त्यौहार का आगाज हो चुका है. कुपोषण की स्थिति को सुधारने और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए यह विशेष अभियान 9 से 18 फरवरी तक संचालित किया जा रहा है. इस दौरान जिले के समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों में शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों का वजन और ऊंचाई का मापन किया जाएगा.

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जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज सिन्हा ने बताया कि यह अभियान केवल बच्चों तक सीमित नहीं है. इस दौरान गर्भवती महिलाओं, शिशुवती माताओं और किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा. स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से इनके एनीमिया स्तर और बीएमआई की जांच की जाएगी, ताकि भविष्य के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जा सके. आंगनबाड़ी केंद्रों में इस दौरान पूरक पोषण आहार का वितरण भी किया जा रहा है.

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में कुपोषण की वास्तविक स्थिति का पता लगाना है. वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, बस्तर जिले के करीब 2000 आंगनबाड़ी केंद्रों में 85 हजार से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं. पिछले विभागीय रिकॉर्ड बताते हैं कि जिले में लगभग 19 हजार बच्चे अब भी कुपोषण की श्रेणी में आते हैं.

जागरूकता से मिटेगा अंधेरा

विभाग का मानना है कि केवल सरकारी प्रयासों से कुपोषण नहीं मिटेगा. वजन त्यौहार के माध्यम से पालक-माता-पिता को भी बच्चों के सही खान-पान और स्थानीय पोषक तत्वों के बारे में जानकारी दी जा रही है. अधिकारियों ने अपील की है कि सभी अभिभावक अपने बच्चों को नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र लेकर आएं और इस ‘स्वास्थ्य उत्सव’ का हिस्सा बनें.

इस त्यौहार के माध्यम से यह जांचा जाएगा कि सरकारी योजनाओं का लाभ बच्चों तक कितना पहुंच रहा है और कितने बच्चे कुपोषण के चक्र से बाहर निकल पाए हैं.