पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए फाल्गुन अमावस्या का दिन उत्तम माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध करने से पितृ दोष की समस्या से मुक्ति मिलती है और पूर्वजों की कृपा प्राप्त होती है.

फाल्गुन अमावस्या की तिथि और शुभ मुहूर्त
- वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार फाल्गुन अमावस्या 17 फरवरी को मनाई जाएगी.
- फाल्गुन माह अमावस्या तिथि की शुरुआत- 16 फरवरी को शाम को 05 बजकर 34 मिनट पर
- फाल्गुन माह अमावस्या तिथि का समापन- 17 फरवरी को शाम को 05 बजकर 30 मिनट परब्रह्म मुहूर्त- 05 बजकर 16 मिनट से 06 बजकर 07 मिनट तक
- अमृत काल – सुबह 10 बजाकर 39 मिनट से दोपहर 12 बजकर 17 मिनट तक
- विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 28 मिनट से 03 बजकर 13 मिनट तक
- गोधूलि मुहूर्त – शाम 06 बजकर 10 मिनट से 06 बजकर 36 मिनट तक
फाल्गुन अमावस्या पूजा विधि
- फाल्गुन अमावस्या के दिन सुबह जल्दी उठें और स्नान करने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें.
- तांबे के लोटे में लाल फूल, अक्षत और जल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें.
- इसके बाद काले तिल और जल लेकर पितरों को अर्पित करें. एक बात का खास ध्यान रखें कि आपका मुख दक्षिण दिशा की ओर होना चाहिए.
- देसी घी का दीपक जलाकर भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करें.
- मंदिर या गरीब लोगों में गुड़, तिल, कंबल, अनाज और धन समेत आदि चीजों का दान करें.
- टिब्बा रोड पर ऑटो रिपेयर सेंटर में भीषण आग, एक्टिवा और बाइक जलकर खाक; ट्रांसफार्मर तक पहुंचती लपटें तो हो सकता था बड़ा हादसा
- उज्जैन सिंहस्थ 2028 की तैयारियों में मिसालः मुस्लिम समाज ने स्वेच्छा से हटाया शाही मस्जिद का हिस्सा, कलेक्टर ने की शांति बनाए रखने की अपील
- CG Murder : बदमाशों ने चाकू गोदकर की युवक की हत्या, बाईपास के पास मिला शव, हिरासत में मुख्य आरोपी
- Bihar Crime: बिहार में दिव्यांग मुर्गा दुकानदार की गला काटकर हत्या, खून से लथपथ हालत में मिला शव
- मौसम सुधरा, फिर शुरू हुई चारधाम यात्रा, जिलाधिकारियों को स्थानीय हालात पर फैसला लेने की छूट


