अविनाश श्रीवास्तव/रोहतास। ​पूर्व मंत्री एवं विधान पार्षद संतोष कुमार सिंह ने सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान केंद्रीय बजट 2026-27 की सराहना करते हुए इसे विकासोन्मुख बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह बजट ठोस निर्णयों और वास्तविक सुधारों पर आधारित है, जो लोकलुभावन वादों के बजाय आम जन के कल्याण को प्राथमिकता देता है।

​बिहार के शहरों का होगा कायाकल्प

​संतोष कुमार सिंह ने बताया कि बजट में टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास पर विशेष फोकस है। बिहार के प्रमुख शहर जैसे पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया, बेगूसराय, गया और बिहारशरीफ को इस योजना में शामिल किया गया है। यहां आवास, स्वास्थ्य और परिवहन जैसी सुविधाओं के सुदृढ़ होने से न केवल पलायन रुकेगा, बल्कि ये शहर आर्थिक प्रगति के नए केंद्र बनेंगे।

​लॉजिस्टिक्स हब बनेगा बिहार

​बजट में पटना-वाराणसी फ्रेट कॉरिडोर की घोषणा एक क्रांतिकारी कदम है। गंगा जलमार्ग के माध्यम से इन दोनों शहरों को फ्रेट और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे माल ढुलाई सस्ती होगी और बिहार के उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार तक पहुंच मिलेगी, जिससे परिवहन और वेयरहाउसिंग के क्षेत्र में रोजगार के बड़े अवसर खुलेंगे।

​शिक्षा और महिला सशक्तिकरण

​छात्राओं की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए देश के हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण होगा। बिहार के प्रत्येक जिले में एक हॉस्टल बनने से छात्राओं को सुरक्षित आवास मिलेगा।

​बिहार के लिए भारी भरकम बजट

​वित्तीय वर्ष 2026-27 में बिहार के लिए कुल 1,62,142 करोड़ रुपये का प्रावधान है। इसमें केंद्रीय करों की हिस्सेदारी के रूप में 1,51,831 करोड़ रुपये मिलेंगे, जो पिछले वर्ष की तुलना में 11,726 करोड़ रुपये अधिक है।