Lalluram Desk. महाशिवरात्रि का पर्व पूरे देश में बेहद परंपरा तरीके और धूमधाम से मनाया जा रहा है। मान्यता के अनुसार फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव और देवी पार्वती का विवाह हुआ था। आज महादेव का जल अभिषेक पूजा करने के लिए 55 मिनट का समय सबसे शुभ रहेगा। पंचांग के अनुसार फाल्गुन कृष्ण पक्ष त्रयोदशी शाम 4:23 बजे तक रहेगी। इसके बाद चतुर्दशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। जो रात भर रहने वाली है।
भगवान महादेव की पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त
महाशिवरात्रि पर कई योग बन रहे हैं दिन में से अमृत सिद्ध योग पूरे दिन विद्यमान रहने वाला है निश्चित कल का समय रात 11: 52 बजे से 12:42 तक रहेगा जो भगवान शिव की विशेष पूजा के लिए सर्वोत्तम समय माना गया है अभिजीत मुहूर्त दोपहर में रहेगा जिसमें पूजा अर्चना का विशेष महत्व है।
चतुर्दशी तिथि प्रारंभ 15 फरवरी शाम 5:04 से 16 फरवरी शाम 5:34 तक रहेगी।
शिवरात्रि का विशेष पूर्ण कल 15 फरवरी की शाम 5:04 से प्रारंभ होगा।
भगवान शिव का जल अभिषेक का समय प्रातः काल से ही प्रारंभ है।
निशिता कॉल पूजा समय 12:37 से 1:32 तक का रहेगा।
रात्रि में चार प्रहर की पूजा का समय
प्रथम प्रहर 6:11 मिनट से 9:38 बजे।
द्वितीय प्रहर 9:38 मिनट से 1:04 बजे।
तृतीय प्रहर 1:04 मिनट से 4:31 बजे।
चतुर्थ प्रहर 4:31 मिनट से 7:57 बजे।
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