यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway) पर वाहनों की गति को लेकर बड़ी राहत दी गई है। 15 फरवरी की रात 12 बजे से एक बार फिर पुरानी स्पीड लिमिट लागू कर दी गई है, जिससे वाहन अब तेज रफ्तार से चल सकेंगे। नई व्यवस्था के अनुसार हल्के वाहन- अधिकतम 100 किमी/घंटा, भारी वाहन- अधिकतम 80 किमी/घंटा इससे पहले घने कोहरे और कम दृश्यता के कारण सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्पीड लिमिट अस्थायी रूप से घटा दी गई थी। मौसम में सुधार और विजिबिलिटी बढ़ने के बाद अब पुरानी सीमा बहाल कर दी गई है।
अधिकारियों ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर ओवरस्पीडिंग पर निगरानी के लिए कैमरे, पेट्रोलिंग और चालान की कार्रवाई जारी रहेगी। वाहन चालकों से निर्धारित गति सीमा का पालन करने और सुरक्षित ड्राइविंग करने की अपील की गई है, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
ग्रेटर नोएडा के परी चौक से आगरा तक करीब 165 किलोमीटर लंबा यमुना एक्सप्रेसवे गौतमबुद्ध नगर के अलावा अलीगढ़, हाथरस और मथुरा जिलों से होकर गुजरता है। यमुना नदी के किनारे स्थित होने के कारण सर्दियों में इस मार्ग पर घना कोहरा पड़ने की आशंका अधिक रहती है। कम दृश्यता (विजिबिलिटी) के दौरान सड़क हादसों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए दुर्घटनाओं को कम करने के लिए प्रशासन को एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार अस्थायी रूप से घटानी पड़ती है।
15 दिसंबर 2025 को घटाई गई थी गति सीमा
15 दिसंबर 2025 को प्रबंधन ने सर्दियों के घने कोहरे और कम दृश्यता को देखते हुए यमुना एक्सप्रेसवे पर वाहनों की गति सीमा अस्थायी रूप से कम कर दी थी। उस समय हल्के वाहनों की स्पीड 100 से घटाकर 75 किमी/घंटा और भारी वाहनों की 80 से घटाकर 60 किमी/घंटा तय की गई थी। अब मौसम में सुधार और विजिबिलिटी बढ़ने के बाद 15 फरवरी की रात 12 बजे से फिर पुरानी गति सीमा बहाल कर दी गई है। इसके तहत हल्के वाहन-100 किमी/घंटा, भारी वाहन- 80 किमी/घंटा
अधिकारियों के अनुसार, एक्सप्रेसवे से रोजाना लगभग 35 हजार वाहन गुजरते हैं, जबकि वीकेंड, त्योहार और लंबी छुट्टियों के दौरान यह संख्या बढ़कर करीब 50 हजार तक पहुंच जाती है। यमुना एक्सप्रेसवे के सहायक महाप्रबंधक जेके शर्मा ने बताया कि सोमवार से वाहनों को फिर से निर्धारित पुरानी गति सीमा के अनुसार चलने की अनुमति होगी। साथ ही, सुरक्षा के मद्देनजर निगरानी और पेट्रोलिंग जारी रहेगी, ताकि ओवरस्पीडिंग से होने वाले हादसों को रोका जा सके।
यमुना एक्सप्रेसवे पर हाल ही में हुए हादसे
7 फरवरी 2026 को यमुना एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। मथुरा जिले के सुरीर थाना क्षेत्र में देर रात एक कंटेनर ट्रक ने बस को टक्कर मार दी, जिससे 6 लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस के अनुसार, नोएडा से कानपुर जा रही बस को रास्ते में एक यात्री के शौचालय जाने के कारण रोका गया था। इसी दौरान बस से उतरकर सड़क पर खड़े यात्रियों को तेज रफ्तार कंटेनर ने बगल से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर ही छह लोगों की जान चली गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल भेजा गया।
22 जनवरी 2025- डबल डेकर बस में आग, 60+ यात्री बाल-बाल बचे
मथुरा जिले के राया थाना क्षेत्र में आगरा-नोएडा मार्ग पर माइल स्टोन 110 के पास एक डबल डेकर बस में अचानक आग लग गई। अग्निशमन विभाग के अधिकारी किशन लाल के अनुसार, बांदा से दिल्ली जा रही बस के पिछले टायर का ब्रेक जाम हो गया था, जिसके कारण आग भड़क उठी। समय रहते यात्रियों को बाहर निकाल लिया गया, जिससे 60 से अधिक लोगों की जान बच गई।
18 दिसंबर 2025- भीषण टक्कर और आग, 19 लोगों की मौत
18 दिसंबर 2025 की तड़के मथुरा में एक्सप्रेसवे पर घने कोहरे के बीच बड़ा हादसा हुआ। 8 बसों और 3 कारों की आपस में टक्कर के बाद आग लग गई। इस दुर्घटना में 90 से अधिक यात्री गंभीर रूप से झुलस गए और घायलों में से 19 लोगों की मौत हो गई।
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