कुंदन कुमार/ पटना। बिहार विधानसभा के बजट सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चरम पर है। एक ओर जहां विपक्षी दल राजद ने राज्य की गिरती कानून-व्यवस्था और यूजीसी नियमों को लेकर सदन के बाहर और भीतर भारी प्रदर्शन किया, वहीं सत्ता पक्ष ने इसे जनता का ध्यान भटकाने की साजिश करार दिया है।

​सत्ता पक्ष का प्रहार

​लोजपा (आर) के विधायक राजू तिवारी ने विपक्षी नेताओं पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है। तिवारी ने विशेष रूप से नेता प्रतिपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वे सदन की कार्यवाही से अक्सर गायब रहते हैं। उन्होंने कटाक्ष किया कि जब नेता प्रतिपक्ष सदन में आते भी हैं, तो उनकी स्थिति क्या होती है, यह बिहार की जनता देख चुकी है। तिवारी के अनुसार, जनहित के मुद्दों पर गंभीरता न दिखाने के कारण ही जनता ने उन्हें सत्ता से दूर रखा है, फिर भी विपक्ष हंगामे की राजनीति से बाज नहीं आ रहा।

​राजद का प्रदर्शन

​सदन की कार्यवाही शुरू होते ही राजद विधायकों ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरा। विधायकों का आरोप है कि प्रदेश में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ा है और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। मुख्यमंत्री से रिपोर्ट की मांग करते हुए राजद कार्यकर्ताओं ने सदन की सीढ़ियों पर धरना दिया।
​इसके साथ ही, यूजीसी के नए नियमों और शिक्षा नीति को लेकर भी भारी बवाल हुआ। विपक्ष ने इसे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हाथ में तख्तियां लिए विधायक आर-पार की लड़ाई के मूड में दिखे, जिससे विधायी कार्यों में काफी व्यवधान उत्पन्न हुआ।