सिद्धार्थ शरद/वैशाली। जिले के महनार स्टेशन रोड पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब नशे में धुत एक अनियंत्रित वाहन चालक ने कई गाड़ियों को टक्कर मारते हुए उत्पात मचाना शुरू कर दिया। पेठिया (हाट) का दिन होने के कारण सड़क पर भारी भीड़ थी, जिससे एक भीषण नरसंहार की आशंका बन गई थी।

​BDO की तत्परता

​स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए महनार के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) मुकेश कुमार ने साहस का परिचय दिया। उन्होंने तत्काल हस्तक्षेप कर युवक को रोका और पुलिस के सुपुर्द कर दिया। अर्जुन सिंह और अजय झा समेत स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि अधिकारी समय पर कदम नहीं उठाते, तो जान-माल की भारी क्षति तय थी। BDO ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा सर्वोपरि है और नशे में ड्राइविंग जैसे अपराधों पर प्रशासन जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगा।

​रक्त रंजित होती सड़कें

​महनार क्षेत्र में तेज रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल के दिनों में कई परिवारों के चिराग बुझ चुके हैं:

​14 जनवरी: साहुमुहल्ला के 77 वर्षीय सुनील साह की जान गई।
​11 फरवरी: मुरौवतपुर के युवा निशांत कुमार और चमरहरा दारापुर के रितेश कुमार सिंह तेज रफ्तार की भेंट चढ़ गए।

​एक अपील

​सड़क दुर्घटना में केवल एक व्यक्ति नहीं मरता, बल्कि एक मां की उम्मीद और एक बच्चे का भविष्य भी दम तोड़ देता है। तेज रफ्तार और नशे की ड्राइविंग महज लापरवाही नहीं, बल्कि किसी की खुशियां छीनने वाला अपराध है। याद रखिए, घर पर कोई आपका इंतजार कर रहा है। सावधानी बरतें, क्योंकि सुरक्षित सफर ही जीवन का असली आधार है।