भागलपुर। भीखनपुर क्षेत्र के सैंकड़ों भूमिहीन परिवारों ने मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट का घेराव कर प्रशासन और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ‘झुग्गी झोपड़ी संघर्ष समिति’ के बैनर तले जुटे इन प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विरुद्ध नारे लगाए और स्पष्ट चेतावनी दी कि बिना पुनर्वास के उन्हें उजाड़ना अन्यायपूर्ण होगा।
रेलवे की जमीन और बेघर होने का डर
प्रदर्शनकारियों का मुख्य विरोध रेलवे द्वारा दिए गए उस अल्टीमेटम को लेकर है, जिसमें भीखनपुर स्थित गुमटी नंबर एक, दो और तीन (इस्लामनगर क्षेत्र) की जमीन को खाली करने का निर्देश दिया गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे दशकों से वहां रह रहे हैं। अब अचानक विभाग द्वारा जमीन खाली कराए जाने के नोटिस से सैकड़ों परिवारों के सामने सिर छिपाने का संकट खड़ा हो गया है।
प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व में उन्हें बसाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन धरातल पर अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। प्रदर्शनकारियों ने भावुक स्वर में कहा, हमारे साथ छोटे-छोटे बच्चे हैं; इस कड़ाके की धूप और अनिश्चितता के बीच हम उन्हें लेकर कहां जाएंगे? प्रशासन को पहले वैकल्पिक जमीन या आवास की व्यवस्था करनी चाहिए।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
समिति के प्रतिनिधि जीवन कुमार ने नेतृत्व करते हुए जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि प्रशासन को इस मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। यदि सरकार ने जल्द ही पुनर्वास की नीति स्पष्ट नहीं की और विस्थापन की कार्रवाई नहीं रोकी, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा। फिलहाल, कलेक्ट्रेट के बाहर भारी संख्या में जुटे लोगों ने अपनी मांगों को लेकर घंटों प्रदर्शन जारी रखा।
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