अमेरिका और ईरान के बीच मंगलवार (17 फरवरी 2026) को जिनेवा में दूसरे राउंड की बैठक हो रही है. दोनों देश तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं. इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने 30 मिनट के भीतर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को तीन बार चेतावनी दी है. अमेरिका को लेकर खामेनेई की इस चेतावनी ने टेबल पर दोनों प्रतिनिधियों के बीच हो रही बातचीत से दुनिया का ध्यान हटा दिया. ट्रंप के पिछले बयान का जिक्र करते हुए खामेनेई ने कहा, ‘अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि 47 वर्षों से संयुक्त राज्य अमेरिका इस्लामी गणराज्य को खत्म करने में सक्षम नहीं रहा है. उन्होंने खुद ये स्वीकार किया, जो अच्छी बात. मैं ये कहता हूं कि आप (डोनाल्ड ट्रंप) भी ऐसा नहीं कर पाएंगे.’

अयातुल्ला अली खामेनेई ने एक्स पर पोस्ट कर डोनाल्ड ट्रंप को निशाना बनाया. उन्होंने अमेरिकी सेना का जिक्र करते हुए ईरान के निकट वाशिंगटन की बढ़ती सैन्य उपस्थिति को लेकर चेतावनी दी.

BBC की ओर से जारी सैटेलाइट तस्वीरें से ईरान के पास यूएसएस अब्राहम लिंकन की उपस्थिति की पुष्टि हुई है. रिपोर्टों से यह भी संकेत मिला कि दुनिया का सबसे बड़ा युद्धपोत यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड भी रवाना हो चुका है और कुछ ही हफ्तों में मिडिल ईस्ट पहुंच सकता है.

खामेनेई ने इसके बाद अमेरिकी सैन्य शक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘अमेरिकी राष्ट्रपति लगातार कहते रहते हैं कि उनके पास दुनिया की सबसे मजबूत सैन्य शक्ति है. दुनिया की सबसे मजबूत सैन्य शक्ति को भी कभी-कभी इतना जोरदार झटका लग सकता है कि वह फिर से उठ खड़ी न हो सके.’

अमेरिकी नौसैनिक तैनाती का हवाला देते हुए तीसरी चेतावनी में उन्होंने कहा, जंग के मैदान में सिर्फ तकनीकी श्रेष्ठता काम नहीं आती. अमेरिकी युद्धपोत से भी ज्यादा खतरनाक वो हथियार है जो उसे समुद्र की गहराई में डुबो सकता है. अमेरिकी लगातार कहते हैं कि उन्होंने ईरान की ओर एक वॉरशिप भेजा है. बेशक वॉरशिप एक खतरनाक सैन्य उपकरण है.

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