किशनगंज। बिहार के किशनगंज जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ विशेष निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार सुबह पटना से आई आठ सदस्यीय टीम ने ICDS की प्रभारी डीपीओ (DPO) अनीता कुमारी को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी टाउन थाना क्षेत्र के डुमरिया भट्टा स्थित उनके निजी आवास से की गई।

​10 लाख की डिमांड और बड़ी बरामदगी

​निगरानी डीएसपी लव कुमार के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में न केवल रिश्वत की राशि, बल्कि प्रभारी डीपीओ के आवास की तलाशी के दौरान अलमारी से अतिरिक्त 6 लाख 50 हजार 390 रुपये नकद भी बरामद किए गए। जांच टीम को अंदेशा है कि यह बड़ी रकम भी भ्रष्टाचार के माध्यम से ही एकत्रित की गई थी।

​क्या है पूरा मामला?

​मिली जानकारी के अनुसार, कोचाधामन के सीडीपीओ (CDPO) नागेंद्र कुमार ने निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि अनीता कुमारी उन्हें पोठिया प्रखंड का अतिरिक्त प्रभार दिलाने के एवज में 10 लाख रुपये की मांग कर रही थीं। विभाग ने 18 फरवरी को कांड संख्या 8/26 दर्ज कर मामले की पुष्टि की और शुक्रवार सुबह जाल बिछाकर महिला अधिकारी को दबोच लिया।

​ऑडियो क्लिप बना अहम सबूत

​जांच के दौरान टीम को एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी हाथ लगी है, जिसमें प्रभारी डीपीओ द्वारा स्पष्ट रूप से रुपयों की मांग की जा रही थी। फिलहाल टीम आरोपी अधिकारी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

​किशनगंज में लगातार गिर रही गाज

​जिले में भ्रष्टाचार पर प्रहार जारी है। बीते 17 फरवरी को भी खनन विभाग के कर्मियों को रिश्वत लेते पकड़ा गया था, जबकि पूर्व में राजस्व कर्मचारी और अमीन पर भी ऐसी ही कार्रवाई हो चुकी है।